Mon. Apr 6th, 2026

दीक्षित सोलंकी डेथ केस: शव की पहचान के लिए DNA टेस्ट की मांग, HC पहुंचे परिजन – dixit solanki death case dna test bombay high court ntc mkg

69d3abee528b3 bombay high court 055809802

ओमान के पास ईरानी मिसाइल हमले में मारे गए भारतीय नाविक दीक्षित सोलंकी की मौत पर अब भी संशय बना हुआ है. जले हुए अवशेषों की पहचान के लिए परिवार ने DNA टेस्ट की मांग की है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस पर जवाब मांगा है, जिससे मामले में स्पष्टता आने की उम्मीद है.

सोमवार को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील को निर्देश दिया कि वे दीक्षित सोलंकी के पार्थिव शरीर के DNA टेस्ट के संबंध में स्पष्ट निर्देश लेकर आएं. इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी. दीक्षित सोलंकी के पिता और बहन ने याचिका दाखिल की है.

इस पर मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए. अंखड की पीठ सुनवाई कर रही है. अमृतलाल और मिताली सोलंकी की ओर से पेश वकील प्रज्ञा तालेकर ने कोर्ट को बताया कि इस घटना के बाद से उन्हें कई विरोधाभासी जानकारी मिल रही है. परिवार अंतिम संस्कार नहीं कर पाया है.

उन्होंने कहा कि ये स्पष्ट किया जाए कि उन्हें सौंपा गया पार्थिव शरीर दीक्षित सोलंकी का ही है. इस पर जब तक संशय रहेगा, उनका परिवार अंतिम संस्कार नहीं करेगा. इसलिए जले हुए अवशेषों का DNA टेस्ट कराने की मांग की गई है. इस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देशित किया है.

प्रज्ञा तालेकर ने कोर्ट में कहा, “वहां कोई पूरा शरीर नहीं है. केवल 4-5 जले हुए अवशेष हैं. पिता द्वारा अंतिम संस्कार करने के लिए किसी तरह की पुष्टि होना जरूरी है.” उन्होंने यह भी बताया कि ये अवशेष जॉन पिंटो के पास हैं, जो अंतिम संस्कार की व्यवस्था कर रहे हैं. शिपिंग कॉर्पोरेशन से जुड़े हैं.

इस बीच परिवार को 5 अप्रैल को एक ईमेल मिला है, जो पूनम सी. मीना की ओर से भेजा गया है. इसमें बताया गया है कि शिपिंग महानिदेशालय दीक्षित सोलंकी के पार्थिव शरीर का DNA टेस्ट कराने की योजना बना रहा है. 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी की मौत 4 मार्च को हुई थी. 

वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के दौरान ओमान के तट के पास एक ड्रोन ने तेल टैंकर को टक्कर मार दी थी. इस हमले में दीक्षित सोलंकी की जान चली गई थी. वो इस घटना में मारे जाने वाले पहले भारतीय नागरिक थे. इस घटना के बाद से परिवार लगातार जानकारी का इंतजार कर रहा है. 

उनकी ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि परिवार ने जहाज की मालिक कंपनी को कई ईमेल भेजे, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. कंपनी की ओर से सिर्फ इतना कहा गया कि पार्थिव शरीर को भारत लाने के प्रयास जारी हैं. फिलहाल सबकी नजर कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर है.

—- समाप्त —-

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *