Tue. Apr 21st, 2026

एक मई से सीबीआई के नोटिस पर होगा क्यूआर कोड, प्रामाणिकता की हो सकेगी जांच

blank

एक मई से सीबीआई के नोटिस पर होगा क्यूआर कोड, प्रामाणिकता की हो सकेगी जांच

 नयी दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के नोटिस पर एक मई से विशेष क्यूआर कोड होगा, जिससे लोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संचालित चैटबॉट ‘अभय’ के माध्यम से उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि कर सकेंगे। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। साइबर अपराधियों के जाल में लोगों को फंसने से बचाने के लिए किसी भी एजेंसी द्वारा यह अपनी तरह की पहली पहल है। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने सोमवार को यहां 22वें डी पी कोहली स्मृति व्याख्यान में चैटबॉट की शुरुआत करते हुए इसे एक ”महत्वपूर्ण पहल” बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल उन ठगों के खिलाफ एक ‘प्रभावी सुरक्षा कवच’ की तरह काम करेगी, जो खुद को सीबीआई के अधिकारी बताकर लोगों को धोखा देते हैं। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि ऐसा तंत्र उन ठगों के खिलाफ एक प्रभावी सुरक्षा उपाय बन सकता है, जो खुद को सीबीआई के अधिकारी बताकर लोगों को धोखा देते हैं और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी नोटिस भेजते हैं। ये ठग अक्सर तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर अनजान लोगों को धमकाते हैं। सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि क्यूआर कोड में नोटिस की समाप्ति तिथि भी शामिल होगी।

 किसी व्यक्ति को कथित नोटिस प्राप्त होने पर वह सीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध ‘अभय’ ऐप पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर सकता है। इससे एजेंसी के डेटाबेस में तुरंत जांच हो जाएगी कि दस्तावेज़ असली है या जाली। साइबर अपराधी इस तरह के नोटिस का इस्तेमाल सीबीआई अधिकारियों के रूप में लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ धोखाधड़ी में फंसाने और उनसे पैसे वसूलने के लिए करते हैं। 

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *