भइया जी कहिन में खड़गपुर की बेटी ने कैमरे के सामने खोली सिस्टम की पोल!
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खड़गपुर में भइया जी कहिन शो के दौरान छात्रा मौली चंद्रा ने अपने पिता श्यामल चंद्रा की मौत को कॉन्ट्रैक्ट किलिंग बताकर सनसनी फैला दी. छात्रा का आरोप है कि पुलिस इसे महज एक्सीडेंट मान रही है जबकि सीसीटीवी में हत्या साफ दिख रही है. पुलिस पर एफआईआर में नाम हटाने का दबाव डालने और सिस्टम की बेरुखी का आरोप लगाते हुए छात्रा ने न्याय की गुहार लगाई, जिससे कार्यक्रम में सन्नाटा पसर गया.

छात्रा ने अपना दर्द बताया.
पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में न्यूज 18 इंडिया के लोकप्रिय शो भइया जी कहिन में उस वक्त सन्नाटा पसर गया जब एक छात्रा मौली चंद्रा ने अपने पिता की मौत के पीछे की दर्दनाक दास्तां बयां की. कार्यक्रम के दौरान जनता के बीच से निकलकर आई इस छात्रा ने सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन और व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया. मौली का आरोप है कि उसके पिता की मौत एक साधारण दुर्घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी कॉन्ट्रैक्ट किलिंग थी, जिसे एक्सीडेंट का रूप देकर रफा-दफा किया जा रहा है.
पिता की मौत या साजिश?
मौली चंद्रा ने कैमरे के सामने रोते हुए बताया कि उनके पिता, स्वर्गीय श्यामल चंद्रा (जो एक एलआईसी एजेंट और बिजनेसमैन थे) की छह महीने पहले काली पूजा के अगले दिन एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी. मौली का दावा है कि उनके पास सीसीटीवी फुटेज मौजूद है जिसमें साफ दिख रहा है कि एक तेज रफ्तार बुलेट बाइक ने जानबूझकर उनके पिता को टक्कर मारी. छात्रा ने आरोप लगाया कि जब वह एफआईआर कराने टाउन थाने गई तो पुलिस ने आरोपी का नाम लिखने से मना कर दिया और दबाव बनाया कि इसे केवल एक ‘बाइक एक्सीडेंट’ के रूप में दर्ज कराया जाए.
सिस्टम की बेरुखी पर छात्रा का दर्द
मौली ने भारी मन से कहा कि आज तक किसी भी राजनीतिक दल या पुलिस अधिकारी ने उसकी मदद नहीं की. छात्रा के अनुसार खड़गपुर के उत्सव लॉज के सामने हुई यह घटना पूरी तरह एक सोची-समझी हत्या थी. शो के होस्ट भइया जी यानी प्रतिक त्रिवेदी ने छात्रा के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए मामले की संवेदनशीलता पर जोर दिया और व्यवस्था से न्याय की अपील की. उन्होंने कहा कि एक बच्चे का अपने पिता के लिए न्याय मांगना बेहद गंभीर मामला है और न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए.
