परंपरा के अनुसार, बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले नृसिंह मंदिर में मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है. मान्यता है कि शीतकाल में मां लक्ष्मी भगवान बद्री विशाल के साथ गर्भगृह में विराजमान रहती हैं. कपाट खुलने पर उन्हें भगवान से अलग होकर बाहर लक्ष्मी मंदिर में आना होता है. इसलिए पुजारी मां लक्ष्मी को मनाने और उनकी अनुमति लेने के लिए यह विशेष अनुष्ठान करते हैं.
Char Dham Yatra 2026: भगवान बद्रीविशाल की डोली जोशीमठ से रवाना, 23 अप्रैल को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट
