सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पवन खेड़ा, अग्रिम जमानत की लगाई अर्जी
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गुवाहाटी हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. उन्होंने सर्वोच्च अदालत से राहत देने की गुहार लगाई है. असम पुलिस पवन खेड़ा की लंबे वक्त से तलाश कर रही है.

पवन खेड़ा सुप्रीम कोर्ट पहुंचे.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा की पत्नी के खिलाफ झूठे आरोप लगाने की वजह से फंसे कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अब सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए गुहार लगाई है. इससे पहले उन्होंने गुवाहाटी हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की मांग की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था. यह मामला असम पुलिस द्वारा दर्ज मानहानि और जालसाजी के केस से जुड़ा है.
इससे पहले, खेड़ा ने ट्रांजिट अग्रिम जमानत के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. तेलंगाना हाई कोर्ट ने 10 अप्रैल को उन्हें एक हफ्ते की राहत दी थी, ताकि वे असम की अदालतों में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकें. हालांकि, 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी थी. इसके बाद 17 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने ट्रांजिट जमानत बढ़ाने से इनकार करते हुए खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने को कहा था. लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली थी.
क्या कहा था पवन खेड़ा ने
दरअसल पिछले एक दिन पहले गुवाहाटी हाई कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में खेड़ा ने दलील दी कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सार्वजनिक और राजनीतिक संदर्भ में दिए गए बयान से जुड़े हैं. उन्होंने यह भी कहा कि एफआईआर राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और इसे असम के मुख्यमंत्री की पत्नी की शिकायत पर दर्ज किया गया. हालांकि, 24 अप्रैल को गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी.
पुलिस की क्या दलील
कोर्ट में असम पुलिस की ओर से कहा गया था कि मामले में पूछताछ के लिए खेड़ा की कस्टोडियल इंटरोगेशन जरूरी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें वे दस्तावेज किसने उपलब्ध कराए, जिनके आधार पर उन्होंने आरोप लगाए थे.
हाईकोर्ट ने क्या कहा था
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि आरोप केवल मुख्यमंत्री तक सीमित होते, तो इसे राजनीतिक बयानबाजी माना जा सकता था, लेकिन इसमें एक निर्दोष महिला को भी विवाद में घसीटा गया है.
क्या है पूरा मामला
यह मामला तब दर्ज हुआ था जब खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनीकी भुइयां के पास कई विदेशी पासपोर्ट हैं और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं. इसी मामले की तफ्तीश के दौरान असम पुलिस 7 अप्रैल को दिल्ली स्थित खेड़ा के आवास पर भी पहुंची थी, लेकिन उस समय वे वहां मौजूद नहीं थे.
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