किसानों के लिए गुड न्यूज: आज से प्याज खरीदेगी सरकार, 2 लाख टन स्टॉक का टारगेट
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Good News For Farmers: पेट्रो और डीजल की कीमत बढ़ने के बाद किसानों की चिंता भी बढ़ गई है. इस बीच प्याज की कीमतों में भी गिरावट देखी जा रही है. वहीं केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए आज से सरकारी खरीद शुरू कर दी है. इस बार सरकार ने 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य तय किया है. खरीद की जिम्मेदारी NAFED और NCCF को दी गई है, जबकि भंडारण CWC करेगा. किसानों को बाजार से बेहतर दाम दिलाने के लिए MAPP सिस्टम लागू होगा. सरकार का दावा है कि खरीद के तीन दिन के भीतर किसानों के बैंक खाते में भुगतान पहुंच जाएगा. केवल Grade-A क्वालिटी वाले प्याज की खरीद की जाएगी. सरकार का यह कदम किसानों को नुकसान से बचाने और बाजार में प्याज की कीमतों को स्थिर रखने के लिए अहम माना जा रहा है.
केंद्र सरकार ने 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य तय किया. (फोटो NW18)
Good News For Farmers: पूरे देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ गई हैं. इससे किसान जरूर चिंतित हैं लेकिन उनके लिए एक गुड न्यूज है. दरअसल देशभर में प्याज की कीमतों में गिरावट के बीच किसानों के लिए बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है. केंद्र सरकार ने आज यानी 15 मई से प्याज की सरकारी खरीद शुरू करने का फैसला लिया है. पिछले कुछ हफ्तों से कई राज्यों में प्याज के दाम लगातार नीचे जा रहे थे, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई थी. मंडियों में कई जगह किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा था. ऐसे माहौल में सरकार की यह खरीद योजना किसानों के लिए उम्मीद बनकर आई है. इस बार सरकार ने 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य तय किया है. खास बात यह है कि किसानों को बाजार से बेहतर दाम दिलाने के लिए ‘मिनिमम एश्योर्ड प्रोक्योरमेंट प्राइस’ यानी MAPP सिस्टम लागू किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे किसानों को कम कीमत पर प्याज बेचने की मजबूरी नहीं होगी और बाजार में कीमतों को भी संतुलित रखा जा सकेगा. प्याज हमेशा राजनीति और आम जनता की रसोई दोनों में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए सरकार इस बार पहले से ज्यादा तैयारी के साथ मैदान में उतरी है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी खरीद की जिम्मेदारी इस बार नेफेड (NAFED) और NCCF को दी गई है. दोनों एजेंसियां 1-1 लाख टन प्याज खरीदेंगी. वहीं भंडारण की जिम्मेदारी सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन यानी CWC को सौंपी गई है. जानकारी के मुताबिक करीब 20 बड़े गोदामों की पहचान की गई है, जहां 2 लाख टन से ज्यादा प्याज स्टोर किया जा सकेगा. सरकार ने खरीद प्रक्रिया को डिजिटल बनाने पर भी जोर दिया है. किसानों का रजिस्ट्रेशन और भुगतान ई समृद्धि और ई समयुक्ति पोर्टल के जरिए किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, प्याज बेचने के तीन दिन के भीतर किसानों के बैंक खाते में भुगतान पहुंच जाएगा. सरकार ने साफ किया है कि सिर्फ Grade-A क्वालिटी वाले प्याज की खरीद होगी. ऐसे में किसानों को पहले से छांटकर प्याज लाने की सलाह दी गई है ताकि खरीद प्रक्रिया तेज हो सके.
सरकार बाजार में प्याज की कीमतों में गिरावट को देखते हुए किसानों को राहत देने के लिए खरीद कर रही है. (फोटो NW18)
मंडियों में गिरते दाम के बीच सरकार का बड़ा फैसला
- इस साल कई राज्यों में प्याज की अच्छी पैदावार हुई है. लेकिन उत्पादन ज्यादा होने की वजह से मंडियों में कीमतों पर दबाव बढ़ गया. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात जैसे बड़े उत्पादक राज्यों में किसानों को उम्मीद से कम दाम मिल रहे थे. इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने समय रहते सरकारी खरीद शुरू करने का फैसला लिया.
- सरकार का मानना है कि अगर समय पर खरीद नहीं की गई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. यही वजह है कि इस बार बफर स्टॉक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. पिछले साल भी सरकार ने प्याज का बफर स्टॉक तैयार किया था, लेकिन इस बार मात्रा को और मजबूत किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर बाजार में प्याज की सप्लाई नियंत्रित की जा सके.
- अधिकारियों के मुताबिक MAPP यानी न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य राज्य की प्रमुख मंडियों में पिछले तीन दिनों के अधिकतम और मॉडल भाव के औसत के आधार पर तय होगा. इसका फायदा यह होगा कि किसानों को बाजार भाव से बेहतर कीमत मिल सकेगी. हालांकि सरकार ने अभी किसी एक तय कीमत का ऐलान नहीं किया है क्योंकि हर राज्य में कीमतें अलग-अलग हैं.
डिजिटल सिस्टम से होगा भुगतान
- सरकार इस बार खरीद प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और तेज बनाने की कोशिश कर रही है. किसानों को ई समृद्धि और ई समयुक्ति पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद सीधे बैंक खाते में भुगतान भेजा जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि खरीद के तीन दिन के भीतर पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे.
- इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को सीधे फायदा मिलेगा. खरीद केंद्रों को गोदामों के पास ही बनाया जा रहा है ताकि किसानों को ज्यादा दूरी तय न करनी पड़े. इससे ट्रांसपोर्ट खर्च भी कम होगा.
Grade-A प्याज पर रहेगा फोकस
सरकार ने साफ किया है कि सिर्फ Grade-A क्वालिटी वाले प्याज की ही खरीद की जाएगी. खरीद से पहले गुणवत्ता जांच होगी. अधिकारियों के मुताबिक अगर किसान पहले से छांटकर प्याज लेकर आते हैं तो प्रक्रिया आसान और तेज हो जाएगी.
CWC पहली बार बड़े स्तर पर प्याज स्टोर करने जा रहा है. इसके लिए छह महीने तक भंडारण के हिसाब से 72% रिकवरी रेट तय किया गया है. सरकार का मानना है कि इससे भविष्य में कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
सरकार ने साफ किया है कि सिर्फ Grade-A क्वालिटी वाले प्याज की ही खरीद की जाएगी. (फोटो NW18)
सरकार प्याज की खरीद क्यों कर रही है?
सरकार बाजार में प्याज की कीमतों में गिरावट को देखते हुए किसानों को राहत देने के लिए खरीद कर रही है. अगर सरकार हस्तक्षेप नहीं करती तो किसानों को लागत से भी कम दाम मिल सकते थे. साथ ही यह बफर स्टॉक भविष्य में महंगाई कंट्रोल करने में भी मदद करेगा.
किसानों को प्याज का दाम कैसे मिलेगा?
किसानों को MAPP यानी Minimum Assured Procurement Price के आधार पर दाम मिलेगा. यह कीमत राज्य की प्रमुख मंडियों में पिछले तीन दिनों के औसत भाव को देखकर तय होगी. सरकार का दावा है कि यह कीमत बाजार के सामान्य मॉडल भाव से बेहतर होगी.
प्याज बेचने के बाद भुगतान कब मिलेगा?
सरकार के अनुसार किसानों के बैंक खाते में खरीद के तीन दिन के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा. पूरी प्रक्रिया डिजिटल पोर्टल के जरिए होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को जल्दी पैसा मिल सके.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें
