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लश्कर की नई साजिश, हुलिया बदलने के लिए मेकओवर करा रहे आतंकी, सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े

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लश्कर की नई साजिश, हुलिया बदलने के लिए मेकओवर करा रहे आतंकी, एजेंसियां सतर्क

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Lashkar Terrorists Changing Identity Through Cosmetic Surgery: भारत में लश्कर से जुड़े कुछ आतंकी हेयर ट्रांसप्लांट और प्लास्टिक सर्जरी करा रहे हैं. इस तरह वे अपना हुलिया बदल रहे हैं. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को शक है वे फेस रिकग्निशन से बचने के लिए ऐसा कर रहे हैं. अगर मामला ऐसा है तो मामला काफी गंभीर हो जाता है. यह लश्कर की नई सोची समझी साजिश हो सकती है.

लश्कर की नई साजिश, हुलिया बदलने के लिए मेकओवर करा रहे आतंकी, एजेंसियां सतर्कZoom

सुरक्षा बलों ने लश्कर आतंकियों के हुलिया बदलने की साजिश का खुलासा किया है.

Lashkar Terrorists Changing Identity Through Cosmetic Surgery: भारत में घुसपैठ कर आतंकवादी नेटवर्क खड़ा करने आए कुछ आतंकियों को लेकर जांच एजेंसियों के सामने एक चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया है. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक कई आतंकी अपने मिशन के दौरान कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट और प्लास्टिक सर्जरी कराने में जुटे मिले. किसी ने हेयर ट्रांसप्लांट कराया, तो किसी ने दांतों का इलाज. जांचकर्ताओं का मानना है कि इसके पीछे सिर्फ दिखावे की चाह नहीं, बल्कि पहचान छिपाने और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने की साजिश भी हो सकती है.

सूत्रों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा का ऑपरेटिव उस्मान जट्ट पाकिस्तान से भारत में घुसपैठ कर आया था. उसका मकसद भारत में स्लीपर सेल तैयार करना था. लेकिन मिशन के बीच उसने श्रीनगर के एक मेडिकल क्लिनिक में हेयर ट्रांसप्लांट कराने का फैसला किया. जांच में सामने आया कि बाल झड़ने की समस्या को लेकर वह काफी परेशान था. पूछताछ में उसने बताया कि लगातार बाल गिरने से उसका आत्मविश्वास कमजोर हो गया था. यही वजह रही कि उसने अपने मिशन से ज्यादा ध्यान अपनी लुक्स पर देना शुरू कर दिया.

सुरक्षा एजेंसियों के एक अधिकारी के अनुसार भारत आने के बाद उसे यहां की सामान्य जिंदगी देखने का मौका मिला. ट्रेनिंग कैंपों में जो कट्टर सोच उसके दिमाग में भरी गई थी, वह धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी. ऐसे में उसका ध्यान आतंकी गतिविधियों से हटकर निजी परेशानियों की ओर चला गया.

ऐसा ही एक और मामला मार्च में सामने आया था. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शब्बीर अहमद लोन नाम के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसियों का दावा है कि वह बांग्लादेश में लश्कर का नेटवर्क तैयार करने में लगा हुआ था. पुलिस के मुताबिक, लोन ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के कुछ युवकों को अपने नेटवर्क से जोड़ा था. इन लोगों पर एआई समिट से पहले दिल्ली में भड़काऊ पोस्टर लगाने का आरोप है.

जांच में यह भी सामने आया कि लोन ने गुरुग्राम के एक निजी क्लिनिक में दांतों का इलाज कराया था. अब पुलिस अपनी चार्जशीट में इन मेडिकल ट्रीटमेंट्स का भी जिक्र करने जा रही है.

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ निजी शौक का मामला नहीं हो सकता. कई आतंकी जानबूझकर अपना चेहरा और पहचान बदलने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे आधुनिक निगरानी सिस्टम से बच सकें. एक जांच अधिकारी के मुताबिक आज दुनिया भर के एयरपोर्ट और सुरक्षा एजेंसियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फेस रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल करती हैं. ये सिस्टम केवल फोटो नहीं देखते, बल्कि चेहरे के खास हिस्सों की दूरी और बनावट को पहचानते हैं.

अधिकारी ने बताया कि आंखों के बीच की दूरी, नाक की बनावट, जबड़े की लाइन और माथे की संरचना जैसी चीजें बायोमेट्रिक पहचान का हिस्सा होती हैं. अगर कोई व्यक्ति सर्जरी या कॉस्मेटिक प्रक्रिया के जरिए इन हिस्सों में बदलाव करता है, तो उसकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें

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