…तो बदल जाएगी बांग्लादेश बॉर्डर की तस्वीर, राजनाथ सिंह का घुसपैठ पर सख्त वार
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राजनाथ सिंह ने कहा, “घुसपैठिए पश्चिम बंगाल आकर फर्जी तरीके से नागरिकता ले लेते हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही हम घुसपैठियों की पहचान करेंगे और उन्हें यहां से बाहर करेंगे. अब गुंडे बंगाल के भीतर नहीं होंगे, यदि होंगे तो बंगाल की जेलों में होंगे अथवा ऊपर होंगे.”

राजनाथ सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में केवल वोट बैंक की राजनीति हुई है.
कोलकाता. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो पार्टी पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की सीमाओं पर बाड़ लगाएगी. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के ‘बाहरी लोगों’ वाले दावे पर, जिसे पार्टी पर एक राजनीतिक हमला माना जा रहा है, सिंह ने कहा कि बीजेपी की स्थापना पश्चिम बंगाल में ही हुई थी, इसलिए यह पार्टी ‘बाहरी’ नहीं है.
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को दावा किया कि BJP ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के पहले चरण में ही अपनी जीत पक्की कर ली है. उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल को हुए मतदान में पार्टी 110 सीटें जीतेगी. एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने वादा किया कि राज्य में BJP के सत्ता में आने के बाद नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को तेज़ी से लागू किया जाएगा, खासकर मतुआ समुदाय के लिए.
उन्होंने कहा, “पहले चरण का मतदान पूरा हो चुका है. पहले चरण में ही BJP 110 सीटें जीतेगी और दीदी सत्ता से बाहर हो जाएंगी. TMC की जगह, यहां BJP की सरकार बनेगी.” बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान हुआ, जिसमें 92 प्रतिशत से ज़्यादा वोट पड़े. दूसरे चरण में, 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा.
शाह ने CAA का विरोध करने के लिए बनर्जी पर निशाना साधा और उनकी सरकार पर मतुआ समुदाय के लोगों को नागरिकता के अधिकार से वंचित रखने और उन्हें डर में रखने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “दीदी CAA कानून को लागू नहीं होने देतीं. आप कमल (BJP का चुनाव चिह्न) की सरकार बनाइए, और 5 मई के बाद BJP सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मतुआ समुदाय के हर भाई-बहन को नागरिकता मिले.”
बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मतुआ समुदाय, जो बांग्लादेश से आए शरणार्थियों का एक राजनीतिक रूप से प्रभावशाली समूह है, को अब बीजेपी सरकार के तहत अनिश्चितता में नहीं जीना पड़ेगा. उन्होंने आगे कहा, “मतुआ समुदाय के लोगों को अब डर में जीने की ज़रूरत नहीं है.”
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
