राजनांदगांव। आईपीएल मैचों पर चल रहे अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने राजनांदगांव से एक संगठित और तकनीकी रूप से संचालित सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। थाना बसंतपुर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मोहरा नाला, बजरंग नगर स्थित एक फार्महाउस पर छापा मारकर इस पूरे गिरोह का खुलासा किया। यहां सांई ऐप के जरिए हर गेंद और ओवर पर लाखों रुपये का ऑनलाइन दांव लगाया जा रहा था।
पुलिस को पहले से गुप्त सूचना मिली थी कि फार्महाउस के भीतर अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से सट्टा संचालन किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। मौके पर पहुंचते ही पांच आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि, दो आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
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जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट के जरिए सांई ऐप का उपयोग कर लाइव क्रिकेट मैचों पर सट्टा चला रहे थे। यह ऐप हर गेंद और ओवर के साथ रेट अपडेट करता था। जिससे देशभर के सटोरियों से सीधा संपर्क कर दांव लगवाया जाता था। पुलिस से बचने के लिए पूरा नेटवर्क कोड भाषा में संचालित किया जा रहा था।
फार्महाउस को इस अवैध कारोबार के लिए पूरी तरह कंट्रोल रूम में तब्दील कर दिया गया था। यहां अलग-अलग डिवाइस पर मैच की लाइव मॉनिटरिंग, सट्टा दर तय करना और पैसों का हिसाब-किताब रखा जा रहा था। छापे के दौरान पुलिस ने दो लैपटॉप, एक टैबलेट, सात मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल सहित करीब 5.50 लाख रुपये का सामान जब्त किया है। इसके अलावा सट्टा पट्टी में लगभग 9.20 लाख रुपये के लेन-देन का रिकॉर्ड भी मिला है।
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पुलिस ने इस मामले में मोहारा निवासी 24 वर्षीय वीरू प्रजापति, प्रभात नगर के 43 वर्षीय रूपेश पांड्या, बसंतपुर बंगाली चाल के 24 वर्षीय आयुष मेश्राम, मोहारा के 23 वर्षीय मोहित देवांगन और लक्की देवांगन उर्फ नरेंद्र देवांगन को गिरफ्तार किया है। वहीं, सट्टे के लिए आईडी उपलब्ध कराने वाले मोहारा निवासी मूलचंद देवांगन और नागपुर निवासी सादिक खान फरार हैं। फिलहाल पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस सिंडिकेट के तार और किन शहरों या राज्यों तक जुड़े हुए हैं।
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