Fri. May 22nd, 2026

Food: 3 साल में एक बार खुलती है ये अनोखी दुकान, 10 रुपये में 4 कोफ्ते लेने उमड़ता है सैलाब

HYP 5843657 cropped 21052026 115738 20260521 082419 watermark 2

Last Updated:

Barmer Famous Kofta Shop: बाड़मेर के जसदेर धाम में अधिक मास पर तीन साल में एक बार लगने वाली दुकान में 10 रुपये में 4 आलू कोफ्ते मिलते हैं, नंद किशोर खत्री की सेवा से हर बार करीब 1 लाख कोफ्ते बिकते हैं. दुकानदार नंद किशोर खत्री के अनुसार, जसदेर धाम में अधिक मास के दौरान लगने वाली यह दुकान वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है. दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु दर्शन के बाद यहां कोफ्तों का स्वाद लेना नहीं भूलते.

बाड़मेर. पश्चिम राजस्थान के सरहदी बाड़मेर में एक ऐसी दुकान है, जिसके खुलने का लोग तीन साल तक इंतजार करते हैं. बाड़मेर के जसदेर धाम में अधिक मास के दौरान लगने वाली इस खास दुकान पर महज 10 रुपये में 4 कोफ्ते मिलते हैं. स्वाद ऐसा कि दुकान खुलते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है और कुछ ही घंटों में करीब 1 लाख कोफ्ते खत्म हो जाते हैं.

बाड़मेर के जसदेर धाम की यह परंपरा लोगों को हैरान कर देती है. यहां अधिक मास के दौरान करीब तीन साल में एक बार यह दुकान लगती है, जहां 10 रुपये में 4 कोफ्ते मिलते हैं. यह सिर्फ एक दुकान नहीं बल्कि आस्था और परंपरा का हिस्सा है. यही वजह है कि जैसे ही दुकान लगती है, श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं.

10 रुपये में 4 कोफ्ते, सेवा और परंपरा का संगम
इस दुकान की सबसे बड़ी खासियत इसकी कीमत और परंपरा है. यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सिर्फ 10 रुपये में 4 स्वादिष्ट कोफ्ते दिए जाते हैं. महंगाई के इस दौर में इतनी कम कीमत लोगों को चौंकाती है, लेकिन इसके पीछे व्यापार नहीं बल्कि सेवा और आस्था की भावना जुड़ी हुई है. दुकान सुबह 9 बजे शुरू होती है और शाम 4 बजे तक करीब 5 क्विंटल आलू के कोफ्ते तैयार किए जाते हैं.

कुछ ही घंटों में खत्म हो जाते हैं लाखों कोफ्ते
दुकानदार नंद किशोर खत्री के अनुसार, जसदेर धाम में अधिक मास के दौरान लगने वाली यह दुकान वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है. दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु दर्शन के बाद यहां कोफ्तों का स्वाद लेना नहीं भूलते. स्थिति यह रहती है कि दुकान खुलते ही भीड़ उमड़ पड़ती है और कुछ ही घंटों में करीब 1 लाख कोफ्ते खत्म हो जाते हैं.

5 क्विंटल आलू से तैयार होता है खास स्वाद
इन कोफ्तों का स्वाद इन्हें खास बनाता है. जसदेर धाम में बनने वाले करीब 5 क्विंटल आलू के कोफ्तों को विशेष तरीके से तैयार किया जाता है. इनमें स्वाद बढ़ाने के लिए चुनिंदा मसालों के साथ किशमिश, काजू और अनार के दाने मिलाए जाते हैं. इससे कोफ्तों में हल्की मिठास और शाही स्वाद का अनोखा मेल देखने को मिलता है.

About the Author

authorimg

Anand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *