देश के मौसम में इस वक्त दो बेहद विरोधाभासी और बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को भीषण गर्मी से जूझ रहे देशवासियों के लिए मानसून को लेकर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर दी है. IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने तय समय से थोड़ा पहले यानी 26 मई के आसपास केरल के तट पर दस्तक दे सकता है. हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के आगमन की इस तारीख में चार दिन आगे या पीछे का अंतर हो सकता है. राहत की इस खबर के बीच IMD ने उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों के लिए डराने वाली चेतावनी भी जारी की है, जिसके तहत इस पूरे हफ्ते दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भीषण हीटवेव का टॉर्चर जारी रहेगा.
अंडमान-निकोबार में छाया मानसून, तेजी से बढ़ रहा आगे
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है. यह सोमवार को दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के कुछ और हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ पूरे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आगे बढ़ गया है. इसके अलावा अंडमान सागर के अधिकांश हिस्सों और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में भी मानसून की सक्रियता देखी जा रही है, जो इसके समय से पहले केरल पहुंचने के अनुकूल संकेत हैं.
केरल के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
केरल में मानसून के औपचारिक आगमन से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है. राज्य के कई हिस्सों में बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो चुकी है. IMD ने सोमवार को केरल के दो जिलों (कन्नूर और कासरगोड) के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जहां 11 सेमी से 20 सेमी तक बेहद भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा त्रिशूर और पलक्कड़ को छोड़कर राज्य के बाकी 10 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ (6 सेमी से 11 सेमी बारिश) जारी किया गया है. मंगलवार के लिए भी 9 जिलों में येलो अलर्ट रहेगा.
चक्रवाती परिसंचरण बना वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय है. इसके प्रभाव से केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण लक्षद्वीप से सटे दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है. यही वजह है कि अगले 5 दिनों के दौरान केरल और माहे में तेज आंधी और आसमानी बिजली के साथ मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है.
पूर्वोत्तर में भारी बारिश, उत्तर भारत में भीषण लू
IMD के बुलेटिन के अनुसार, अगले 6-7 दिनों के दौरान उत्तर-पूर्वी भारत (नॉर्थ-ईस्ट), उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भारी से बहुत भारी वर्षा होगी. इसके साथ ही अगले 3 दिनों तक तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी झमाझम बारिश का दौर चलेगा. लेकिन इसके उलट, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों (उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश) में इस पूरे हफ्ते सूरज की तपिश और भीषण लू लोगों को बेहाल करेगी.
सवाल-जवाब
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इस साल केरल में मानसून कब तक दस्तक देगा?
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई 2026 के आसपास केरल में दस्तक दे सकता है. मौसम विभाग ने कहा है कि इसमें चार दिन का फेरबदल (आगे या पीछे) संभव है.
उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों के लिए मौसम विभाग ने क्या चेतावनी जारी की है?
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों के लिए इस पूरे सप्ताह भीषण ऊष्ण लहर (Heatwave से Severe Heatwave) की स्थिति बने रहने की संभावना जताई गई है, यानी यहाँ गर्मी का प्रकोप और बढ़ेगा.
केरल में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने कौन से अलर्ट जारी किए हैं और इनका क्या मतलब है?
IMD ने कन्नूर और कासरगोड के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (11 से 20 सेमी की बेहद भारी बारिश) और 10 अन्य जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ (6 से 11 सेमी की भारी बारिश) जारी किया है.
दक्षिण भारत और केरल में समय से पहले हो रही इस भारी बारिश का मुख्य कारण क्या है?
दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में बने एक चक्रवाती परिसंचरण के कारण केरल, कर्नाटक और अरब सागर के हिस्सों में एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ है, जिससे प्री-मानसून बारिश तेज हो गई है.
