अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा एक नियमित राजनयिक दौरा नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच पैदा हुई असहजता व तनाव दूर कर संबंध रीसेट करने की कोशिश है. ट्रंप के विदेश मंत्री टैरिफ विवाद से पैदा हुई कड़वाहट को सुधारने की कवायद में जुट गए हैं. उन्होंने कई मुलाकात कीं. पीएम मोदी से मिले, विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ गुफ्तगू की, एनएसए अजित डोभाल से चर्चा की. आखिर में एक इवेंट हुआ, जहां पूरा माहौल ही भारत अमेरिकी दोस्ती को समर्पित हो गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक फोन कॉल पर सरेआम कहा-वह भारत से प्यार करते हैं, पीएम मोदी से प्यार करते हैं. हम आपको दिनभर के वे मोमेंट्स बता रहे हैं, जो खुश करने वाले हैं.
जब ट्रंप बोले-आई लव इंडिया, आई लव मोदी
हुआ कुछ यूं कि अमेरिका की 250वीं इंडिपेंडेंस डे का दिल्ली में उत्सव चल रहा था. ठीक इसी वक्त अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर के फोन पर राष्ट्रपति ट्रंप की कॉल आई और कहा कि मैं वहां बैठे लोगों से सीधे बात करना चाहता हूं. इसके बाद जो ट्रंप ने कहा, वह हैरान करने वाला था. ट्रंप ने कहा, मुझे प्रधानमंत्री बहुत पसंद हैं. मोदी बहुत अच्छे हैं. वह मेरे दोस्त हैं, और मैं आज सुबह यहां और आज शाम वहां सभी को बहुत-बहुत गुड इवनिंग कहना चाहता हूं और मैं बस इतना कहना चाहता हूं, आप बहुत अच्छे हैं. हम पहले कभी भारत के इतने करीब नहीं थे, और भारत मुझ पर और हमारे देश पर 100% भरोसा कर सकता है.
भारत विरोधी बयानबाजी पर
रुबियो से सवाल किया गया कि ‘भारतीयों और भारतीय-अमेरिकी लोगों को लेकर अमेरिका से कई नस्लवादी टिप्पणियां हुई हैं. यह भारत-अमेरिका संबंधों की बुनियादी सोच के ख़िलाफ़ जाता है. इस पर आपका क्या कहना है?’ इस पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ये टिप्पणियां किसने कीं? पत्रकार ने जवाब दिया, हम सबने ये टिप्पणियां देखी हैं. हमने इन टिप्पणियां का समर्थन करते भी देखा है. इसके बाद रुबियो ने कहा, मुझे नहीं पता मैं इसे कैसे एड्रेस करूं लेकिन मैं उन टिप्पणियों को बहुत गंभीरता से लूंगा. मुझे यक़ीन है कि कुछ लोगों ने ऑनलाइन और दूसरी जगहों पर ऐसी टिप्पणियां की होंगी, क्योंकि दुनिया के हर देश में बेवकूफ़ लोग होते हैं. मुझे यक़ीन है कि यहां भी बेवकूफ़ लोग हैं. अमेरिका में भी ऐसे लोग हैं जो हर समय बेवकूफ़ी भरी बातें करते रहते हैं. अमेरिका एक ऐसा देश है जो सबका स्वागत करता है. हमारा देश उन लोगों की वजह से और समृद्ध हुआ है जो दुनियाभर से हमारे देश में आकर बसे हैं.
माइग्रेशन संकट भारतीयों की वजह से नहीं
मार्को रुबियो से पूछा गया कि आप माइग्रेशन कानून लेकर आए हैं, जिससे भारतीयों को भी तकलीफ होगी. तो उन्होंने कहा, अमेरिका में माइग्रेशन संकट है, लेकिन यह भारत या भारतीयों की वजह से नहीं है. आप जानते हैं कि हमें किन संकटों का सामना करना पड़ता है. हम उन संकटों का समाधान तलाश रहे हैं.
भारत के साथ डील पर
जब उनसे पूछा गया कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर जल्द हो सकते हैं? रुबियो ने कहा, हमें उम्मीद है कि ये शायद अगले सप्ताह या उसके अगले सप्ताह तक हो जाएगा, लेकिन हम अभी अंतिम विवरणों पर काम कर रहे हैं.
PM मोदी को अमेरिका का न्योता, मार्को रुबियो ने पहुंचाया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का संदेश!
रुबियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी को राष्ट्रपति ट्रंप का स्पेशल इन्विटेशन दिया, जिसमें पीएम मोदी को आने का न्योता दिया गया था. यह दोनों देशों के बीच सामान्य होते रिश्तों का एक और चरण था. कहा जा रहा है कि रुबियो ने ट्रंप की बात पीएम मोदी तक पहुंचाई है. पीएम मोदी अब तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुद कॉल नहीं किये हैं, हालांकि ट्रंप की ओर से कई बार पीएम मोदी को फोन किया जा चुका है.
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी किसी तीसरे देश से संबंध की कीमत पर नहीं
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नई दिल्ली दौरे पर कहा कि भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी किसी तीसरे देश से संबंध की कीमत पर नहीं होगी. अमेरिका पाकिस्तान रिश्तों पर पूछे गए सवाल का रुबियो ने यह जवाब दिया था. ये भी कहा कि भारत के साथ रिश्ता बेहद खास और सबसे अलग है.
भारत में चार हफ्ते भी कम पड़ेंगे
भारत एक शानदार देश है. मुझे यहां बहुत अच्छा लगा. हालांकि मैं यहां अभी कुछ ही दिन रहा हूं, पर मैं यहां चार हफ्ते भी रहूं तो सबकुछ नहीं देख पाऊंगा. यह सचमुच इतना बड़ा देश है, जहां देखने के लिए बहुत कुछ है.
जयशंकर की जमकर तारीफ
रुबियो ने कहा, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का काम शानदार हैं. वह एक समझदार इंसान हैं. मैं उनकी बहुत इज़्ज़त और सम्मान करता हूं. भारत में मौजूद सभी लोगों का शुक्रिया, सरकार के सभी नेताओं से मिले, स्वागत का शुक्रिया.
