नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर हाईकोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। यह याचिका ट्रायल कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ है, जिसमें ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इन्कार कर दिया गया था। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ करेगी। यह मामला सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपियों से जुड़ा है।
ईडी ने आरोप लगाया है कि नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कथित साजिश और वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। ईडी का कहना है कि आरोपियों ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की करीब 2000 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर नियंत्रण हासिल किया। एजेंसी के अनुसार, यह काम यंग इंडियन नाम की कंपनी के जरिए किया गया, जिसमें गांधी परिवार की बहुमत हिस्सेदारी बताई गई है।
ट्रायल कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 के आदेश में कहा था कि ईडी की शिकायत पर संज्ञान लेना कानूनी रूप से सही नहीं है, क्योंकि मामला किसी एफआईआर पर आधारित नहीं था। इसी आदेश को ईडी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। ईडी का तर्क है कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में सिर्फ एफआईआर होना जरूरी नहीं है और ट्रायल कोर्ट का फैसला गलत है।
ईडी का यह भी कहना है कि इस तरह के फैसले गंभीर आर्थिक अपराधों की जांच को प्रभावित कर सकते हैं। इससे पहले 22 दिसंबर को हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी किया था, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन और अन्य को भी शामिल किया गया था।
