Agency:एजेंसियां
Last Updated:
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति की बैठक में जोरदार चर्चा हुई. बैठक में NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. पूरा फोकस परीक्षा व्यवस्था में हुई चूक और उसे सुधारने के तरीकों पर रहा.
नीट पेपर लीक होने से तमाम स्टूडेंट्स के लिए मुश्किलें हो गई हैं.
पेपर लीक कैसे हुआ? क्या कोई और तरीका है, जिससे एग्जाम कराया जाए और लीक न हो? आगे ये ठीक कैसे होगा? एनटीए चीफ गुरुवार को जब संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति के सामने पेश हुए तो उनका सामना कुछ इन्हीं तीखे और सीधे सवालों से हुआ. पूरी बैठक में विपक्षी सांसदों ने परीक्षा व्यवस्था, उसकी सुरक्षा और गोपनीयता पर लगातार सवाल उठाए और जवाब मांगे.
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को संसद की शिक्षा समिति की बैठक में माहौल काफी गर्म रहा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में मौजूद रहे. बैठक का मकसद परीक्षा प्रक्रिया में हुई चूक की समीक्षा और आगे के सुधारों पर चर्चा करना था. समिति की बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने की. बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई और करीब 5 घंटे तक चली. शुरुआत से ही सांसदों ने सवालों की झड़ी लगा दी. उन्होंने पूछा कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षा की गोपनीयता कैसे टूट गई और लाखों छात्रों की मेहनत पर असर क्यों पड़ा.
परीक्षा का कोई और तरीका हो तो बताएं
विपक्षी सांसदों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या परीक्षा कराने का कोई ऐसा तरीका हो सकता है, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाएं पूरी तरह रोकी जा सकें. कई सदस्यों ने कहा कि मौजूदा सिस्टम में कहीं न कहीं बड़ी खामियां रह गई हैं, जिनकी वजह से यह स्थिति बनी. एनटीए की तरफ से अधिकारियों ने समिति को बताया कि परीक्षा प्रणाली को पहले से ज्यादा सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों की जांच प्रक्रिया को और सख्त किया गया है. डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम को भी अपग्रेड किया जा रहा है.
सीबीआई कर रही जांच
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि किन तरीकों से प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई गई और सिस्टम में कहां चूक हुई. साथ ही राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के लागू होने की स्थिति पर भी चर्चा हुई.
अंत में सांसदों ने साफ कहा कि सिर्फ सुधार के दावे काफी नहीं हैं, बल्कि ऐसा ठोस सिस्टम बनना चाहिए जिससे भविष्य में पेपर लीक की कोई गुंजाइश ही न बचे. उन्होंने जोर दिया कि परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद होनी चाहिए, ताकि छात्रों का विश्वास बना रहे.
About the Author
Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें
