प्रधानमंत्री नरेंद्र ने गुरुवार को राजधानी में स्थित सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की अहम बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सरकार के कई बड़े मंत्रालयों ने अपनी-अपनी प्रगति और कामकाज पर प्रस्तुति दी। इनमें कृषि, वन, श्रम, सड़क परिवहन, कॉरपोरेट मामलों, विदेश, वाणिज्य और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय शामिल रहे।
पीएम मोदी ने बैठक में मंत्रियों को दिए निर्देश
इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को साफ संदेश दिया कि सरकार के काम में तेजी और कुशलता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि फाइलों को बिना किसी अनावश्यक देरी के तेजी से आगे बढ़ाया जाए और कम समय में ज्यादा काम करने पर ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने शासन को और सरल बनाने और सुधारों पर जोर देने की बात कही।
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पीएम ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को दोहराया
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि यह सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर मंत्रालय को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ काम करना होगा। इस बैठक में उन मंत्रालयों पर भी चर्चा हुई जिनका प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। ऐसे मंत्रालयों को अपनी कमियों को दूर करने और कामकाज में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
पीएम मोदी को सफल विदेश दौरे के लिए दी गई बधाई
मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री मोदी के हाल ही में हुए पांच देशों के सफल दौरे के लिए उन्हें बधाई भी दी। इस दौरान विदेश मंत्री ने इस दौरे के परिणामों और इसके महत्व की जानकारी मंत्रियों को दी। यह दौरा संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली तक फैला हुआ था।
जनता को पिछले 12 वर्षों के काम-उपलब्धियां बताने के निर्देश
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को यह भी निर्देश दिया कि वे जनता के बीच जाकर सरकार के पिछले 12 वर्षों के काम और उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाएं। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक सरकार के कामकाज की मध्यावधि समीक्षा (मिड-टर्म रिव्यू) के रूप में भी देखी जा रही है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
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ऊर्जा संकट के बीच पीएम मोदी की अध्यक्षता में अहम बैठक
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की परिस्थितियों के कारण तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ रहा है। इस उच्चस्तरीय बैठक में कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल हुए। कुल मिलाकर यह बैठक सरकार के प्रदर्शन की समीक्षा और भविष्य की दिशा तय करने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
