कोलकाता में कहां रहेंगे सुवेंदु अधिकारी, ममता का ‘खपरैल’ जैसा घर या नया बंगला?
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Suvendu Adhikari New House : बंगाल में 15 साल बाद सीएम का ठिकाना बदलने वाला है. ममता बनर्जी ने कभी सरकारी बंगला नहीं लिया और कालीघाट के अपने पुश्तैनी छोटे से घर में रहीं. अब सवाल है कि क्या सुवेंदु अधिकारी भी इसी राह पर चलेंगे या राजभवन के पास किसी आधिकारिक बंगले को अपना निवास बनाएंगे?

बंगाल के नए सीएम सुवेंदु अधिकारी कोलकाता में कहां रहेंगे?
कोलकाता. पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही अब राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक केंद्रों में भी बड़े बदलाव की आहट है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के कार्यभार संभालने के बाद सबसे बड़ी चर्चा उनके आवास (Residence) को लेकर आने वाले दिनों मे होने वाली है. पिछले 15 वर्षों से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का कोई ‘आधिकारिक बंगला’ (Official Bungalow) नहीं रहा है. ममता बनर्जी ने सत्ता में आने के बाद साफ कर दिया था कि वह दक्षिण कोलकाता के कालीघाट के 30B हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने उसी पुराने और छोटे से घर में रहेंगी, जहां वह दशकों से रह रही हैं. उनके इस फैसले को उनकी सादगी और आम आदमी की छवि के रूप में प्रचारित किया गया. हालांकि, सुरक्षा कारणों से उस पूरी गली को एक किले में तब्दील कर दिया गया था, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी भी होती थी.
ऐतिहासिक रूप से, पश्चिम बंगाल में कोई एक तयशुदा मुख्यमंत्री आवास नहीं है. ममता बनर्जी से पहले ज्योति बसु और बुद्धदेव भट्टाचार्य जैसे मुख्यमंत्री भी सरकारी आवासों जैसे राजभवन के पास के बंगले में रहे थे, लेकिन ममता ने इस परंपरा को तोड़ दिया था. वर्तमान में, सरकार के पास कोलकाता के पॉश इलाकों जैसे अलीपुर या राजभवन के करीब में कई वीवीआईपी बंगले हैं जिन्हें सीएम आवास के रूप में उपयोग किया जा सकता है.
सुवेंदु अधिकारी का नया ठिकाना कहां होगा?
मुख्यमंत्री बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी के सामने दो विकल्प हैं. पहला- ममता की राह, वह भी किसी साधारण घर में रहकर सादगी का संदेश देंगे, हालांकि उनका अपना घर मेदिनीपुर में है, कोलकाता में नहीं. दूसरा, वह एक आधिकारिक ‘सीएम हाउस’ स्थापित करें, जहां से सरकार का कामकाज सुचारू रूप से चल सके और सुरक्षा व्यवस्था में आम जनता को परेशानी न हो.
बीजेपी सूत्रों की मानें तो सुवेंदु अधिकारी कोलकाता में राजभवन के पास स्थित किसी सरकारी बंगले को अपना आधिकारिक निवास बना सकते हैं. इसके पीछे तर्क यह है कि एक मुख्यमंत्री को विदेशी मेहमानों, अधिकारियों और जनता से मिलने के लिए एक व्यवस्थित कार्यालय और आवास की आवश्यकता होती है.
नबन्ना बनाम राइटर्स बिल्डिंग
सिर्फ घर ही नहीं, मुख्यमंत्री के ‘दफ्तर’ को लेकर भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है. ममता बनर्जी ने सचिवालय को ‘राइटर्स बिल्डिंग’ से हटाकर हावड़ा के ‘नबन्ना’ (Nabanna) में शिफ्ट कर दिया था. भाजपा के संकल्प पत्र और सुवेंदु अधिकारी के संकेतों के अनुसार, सरकार वापस ‘राइटर्स बिल्डिंग’ से कामकाज शुरू करने की योजना बना रही है, जो बंगाल की ऐतिहासिक सत्ता का केंद्र रहा है.
भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल कर टीएमसी के शासन का अंत कर दिया. (फाइल फोटो)
सुवेंदु अधिकारी का ‘नायक’ अवतार बताता है कि वह परंपराओं को तोड़ने और नई व्यवस्थाएं बनाने में विश्वास रखते हैं. जहां ममता बनर्जी का कालीघाट वाला घर ‘संघर्ष’ का प्रतीक था, वहीं सुवेंदु अधिकारी का नया आधिकारिक आवास ‘सुशासन’ और ‘प्रशासनिक पारदर्शिता’ का केंद्र बन सकता है. अगले कुछ दिनों में पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग द्वारा सीएम के लिए तय किए गए बंगले की आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है.
