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Suvendu Adhikari Education Qualification: पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की शैक्षणिक योग्यता और उनके करियर का सफरनामा काफी दिलचस्प है. रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी से एमए की डिग्री से लेकर ‘जायंट किलर’ बनने तक, जानिए सुवेंदु अधिकारी की बायोग्राफी और युवाओं के लिए उनका विजन.

Suvendu Adhikari Education: सुवेंदु अधिकारी की इतिहास में गहरी दिलचस्पी रही है
नई दिल्ली (Suvendu Adhikari Education Qualification). पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक है. सुवेंदु अधिकारी को बंगाल में विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता था. अब वह राज्य की सत्ता की कमान संभालने जा रहे हैं. बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सुवेंदु आज, 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं. राज्य के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा है. सुवेंदु अधिकारी काफी शिक्षित हैं.
सुवेंदु अधिकारी: शिक्षा, योग्यता और करियर ग्राफ
सुवेंदु अधिकारी आज, 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं, जो उनके करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर है. बीजेपी ने उन्हें अपनी सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना है. चर्चा का मुख्य कारण उनकी ‘जायंट किलर’ इमेज है, जिसके दम पर उन्होंने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को मात दी. सुवेंदु अधिकारी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में बंगाल के स्टूडेंट्स के लिए नई स्कॉलरशिप और तकनीकी शिक्षा के आधुनिकीकरण का वादा किया है.
शैक्षणिक योग्यता: सुवेंदु अधिकारी कितने पढ़े-लिखे हैं?
सुवेंदु अधिकारी की शुरुआती शिक्षा पूर्व मेदिनीपुर के स्थानीय स्कूलों में हुई. इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए रवींद्र भारती विश्वविद्यालय, कोलकाता में दाखिला लिया. यहां से उन्होंने साल 2011 में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की. पोस्ट-ग्रेजुएट मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी साख उन युवाओं के बीच अधिक है जो राजनीति में अच्छी शिक्षा के महत्व को समझते हैं. उनकी पढ़ाई-लिखाई का असर उनकी प्रभावी भाषण शैली और कठिन डेटा को भी आसानी से समझाने की क्षमता में दिखता है.
पिता से सीखा राजनीति का ककहरा
सुवेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को एक ऐसे परिवार में हुआ, जहां राजनीति और समाजसेवा रची-बसी थी. उनके पिता शिशिर अधिकारी पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे हैं. उनका नाम बंगाल के दिग्गज नेताओं में शुमार हैं. परिवार के इस माहौल ने सुवेंदु अधिकारी को बचपन से ही प्रशासन और जनसेवा की बारीकियां सीखने में मदद की. हालांकि, विरासत में मिली राजनीति के बावजूद उन्होंने अपनी स्वतंत्र पहचान एक कद्दावर ‘यूथ लीडर’ के तौर पर बनाई.
पार्षद से मुख्यमंत्री तक का करियर ग्राफ
सुवेंदु अधिकारी का करियर ग्राफ काफी प्रेरणादायक है. उन्होंने 1995 में पार्षद के रूप में शुरुआत की. 1998 में टीएमसी के गठन के समय से ही वे ममता बनर्जी के सिपहसालार बने और नंदीग्राम आंदोलन (2007) के दौरान अपनी संगठन क्षमता का लोहा मनवाया. सांसद और प्रदेश में परिवहन और सिंचाई मंत्री रहने के बाद 2020 में उन्होंने बीजेपी का दामन थामा. अपनी रणनीतिक स्किल्स की बदौलत उन्होंने पहले 2021 में नंदीग्राम जीता और अब 2026 में बंगाल की सत्ता के शिखर पर पहुंच गए.
सुवेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश के युवाओं के लिए ‘रोजगार और कौशल विकास’ का खाका खींचा. उसने उन्हें युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें
