पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर एक हाई-लेवल डेलिगेशन के साथ तेहरान पहुंचे. यह इस्लामाबाद की तरफ से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने के चल रही कोशिशों का ही एक हिस्सा है. यह घटनाक्रम इस्लामाबाद में करीब 21 घंटे तक चली चर्चाओं के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है. इन चर्चाओं में कोई समझौता नहीं हो पाया था, जबकि दशकों में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच यह सबसे हाई-लेवल बातचीत थी.
पाकिस्तान की सेना ने कहा कि आसिम मुनीर, गृह मंत्री मोहसिन नकवी के साथ, उस डेलिगेशन का हिस्सा हैं, जो इस वक्त ईरान में है. इस दौरे का मकसद दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करना और बातचीत के एक और दौर के लिए ज़मीन तैयार करने में मदद करना है.
यह दौर एक बार फिर इस्लामाबाद में आयोजित किया जा सकता है. तेहरान पहुंचने पर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तानी डेलिगेशन का स्वागत किया.
ईरानी अधिकारियों ने बताया कि बातचीत नाकाम होने के बाद भी इस्लामाबाद के ज़रिए बातचीत जारी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने कहा, “रविवार से जब ईरानी डेलिगेशन तेहरान लौटा, तब से पाकिस्तान के ज़रिए कई संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है.”
उन्होंने आगे कहा, “आज, इस्लामाबाद में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए हमें पाकिस्तानी डेलिगेशन के आने की पूरी उम्मीद है.”
रिपोर्ट के मुताबिक, आसिम मुनीर की भूमिका अमेरिका और ईरान के बीच की दूरियों को कम करना है. दोनों पक्ष अभी भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या आने वाले दिनों में कोई ऐसा समझौता हो सकता है, जो दोनों को मंज़ूर हो.
ईरान अपने परमाणु रुख पर कायम
बातचीत जारी रहने के बावजूद, ईरान ने यह साफ़ कर दिया है कि कुछ ‘रेड लाइन्स’ (सीमाएं) बदली नहीं जा सकती हैं. इस्माइल बाक़ाई ने कहा कि यूरेनियम संवर्धन का तेहरान का अधिकार निर्विवाद है. हालांकि, संवर्धन के स्तर पर बातचीत की जा सकती है.
उन्होंने कहा, “परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग का अधिकार दबाव या युद्ध के ज़रिए छीना नहीं जा सकता. संवर्धन का स्तर और प्रकार ईरान की ज़रूरतों के आधार पर चर्चा के लिए खुला है. उन्होंने इस्लामाबाद वार्ता के दौरान अमेरिका की कुछ मांगों को अतार्किक और अवास्तविक बताते हुए खारिज कर दिया.
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर पहुंचे तेहरान, US-ईरान वार्ता में निभा रहे अहम भूमिका
कूटनीतिक प्रयासों के बीच ट्रंप के मिले-जुले संकेत
मध्यस्थता की कोशिशों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिले-जुले संकेत दिए हैं. उन्होंने सुझाव दिया है कि बातचीत कुछ ही दिनों में फिर से शुरू हो सकती है और किसी बड़ी सफलता (ब्रेकथ्रू) की ओर इशारा किया है, जबकि दूसरी ओर पेंटागन ने कथित तौर पर मिडिल-ईस्ट में करीब 10 हजार सैनिक तैनात कर दिए हैं.
ट्रंप ने कहा, “अगले दो दिनों में कुछ हो सकता है. बातचीत के लिए पाकिस्तान लौटने की संभावना है.” उन्होंने आसिम मुनीर की भूमिका की भी तारीफ की और उन्हें शानदार बताया और बातचीत को मुमकिन बनाने का श्रेय दिया.
फॉक्स न्यूज़ को दिए गए एक अलग बयान में, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि युद्ध अपने अंत के करीब हो सकता है. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह बहुत जल्द खत्म हो सकता है.”
—- समाप्त —-
