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2011 के पुराने सेंसस का क्यों हो रहा इस्तेमाल? महिला आरक्षण के नाम पर धोखा, राहुल ने केंद्र पर साधा निशाना

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2011 के पुराने सेंसस का क्यों हो रहा इस्तेमाल? ‘महिला आरक्षण के नाम पर धोखा’

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राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने 2023 में संसद में महिला आरक्षण बिल का सर्वसम्मति से पूरा समर्थन किया था. लेकिन अब सरकार इस बिल के जरिए पिछड़े वर्गों, दलितों और आदिवासियों का हक छीन रही है. राहुल ने इस मुद्दे को इन समुदायों के लिए बहुत ज्यादा अहम और गंभीर बताया है. कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को सड़क से लेकर संसद तक पूरी तरह और सरेआम घेरेगी. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बीजेपी पिछड़े वर्गों की पूरी भागीदारी सरेआम छीन रही है.

2011 के पुराने सेंसस का क्यों हो रहा इस्तेमाल? 'महिला आरक्षण के नाम पर धोखा'Zoom

राहुल गांधी ने नए सेंसस के बिना महिला रिजर्वेशन लागू करने पर आपत्ति जताई है.

नई दिल्ली. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल पास करने के लिए 2011 की जनगणना का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि देश में अभी जाति-आधारित जनगणना चल रही है.

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार अभी जो प्रस्ताव ला रही है, उसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है. यह संशोधन परिसीमन और चुनावी क्षेत्रों की मनमानी फेरबदल का इस्तेमाल करके सत्ता पर कब्जा करने की एक कोशिश है.

उनकी यह प्रतिक्रिया संसद के विस्तारित बजट सत्र के शुरू होने से ठीक एक दिन पहले आई है. इस सत्र के दौरान, संसद में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की सुविधा के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ में संशोधनों और एक प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पर चर्चा होने की उम्मीद है.

राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस स्पष्ट रूप से महिला आरक्षण का समर्थन करती है और संसद ने 2023 में इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया था. अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो संदेश जोड़ते हुए, उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताया, विशेष रूप से पिछड़े वर्गों, दलितों, आदिवासी समुदायों और महिलाओं के लिए. विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि जनता को अब धोखा दिया जा रहा है.

उन्होंने वीडियो में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं चाहते कि यह फैसला (महिला आरक्षण का) जाति जनगणना, नई जनगणना या ओबीसी जनगणना पर आधारित हो. वह 2011 की जनगणना का इस्तेमाल करना चाहते हैं, जिसमें पिछड़े वर्गों की संख्या शामिल नहीं है. यह आरोप लगाते हुए कि पिछड़े वर्गों की भागीदारी छीनी जा रही है, उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह नहीं चाहती कि पिछड़े वर्गों के लोगों को उनकी वास्तविक आबादी के आधार पर भागीदारी मिले.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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