तमिलनाडु में 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ था. इस दौरान फर्जी मतदान करने के लिए चेन्नई पुलिस ने 10 विदेशियों को गिरफ्तार किया था. निर्वाचन आयोग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी विदेशी नागरिक चुनाव खत्म होने के बाद भारत छोड़ने की फिराक में थे. इमिग्रेशन अधिकारियों ने चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इन 10 लोगों को रोका. हालांकि इनकी पहचान अभी उजागर नहीं की गई है.
शुरुआती जांच में सामने आया था कि आरोपी भारत के नागरिक नहीं हैं और उनके पास विदेशी नागरिकता है. इसके बावजूद, वो राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे थे.
फर्जी तरीके से बनवाए भारतीय पहचान पत्र
जांच में पता चला था कि इन विदेशियों ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके फर्जी तरीके से भारतीय पहचान पत्र बनवाए थे. इसी के जरिए उन्होंने 23 अप्रैल को हुए चुनावों में अवैध रूप से मतदान किया था. गिरफ्तार किए गए लोगों में चार महिलाएं भी शामिल हैं.
इमिग्रेशन अधिकारियों ने इस धोखाधड़ी का पता चलते ही ग्रेटर चेन्नई पुलिस कमिश्नरेट में एक शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने 7 मई से 14 मई के बीच इन आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं.
चुनाव आयोग अब इस बात की गहराई से जांच करवा रहा है कि इन विदेशी नागरिकों को फर्जी पहचान पत्र कैसे मिले. सुरक्षा एजेंसियां अब ये पता लगाने की कोशिश करेगी कि राज्य में ऐसे और कितने विदेशी नागरिक मौजूद हैं, जिन्होंने चुनावी प्रक्रिया में सेंध लगाने की कोशिश की है.
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10 मई को तमिलनाडु के CM बने विजय
बता दें कि तमिलनाडु चुनावों में थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने जीत दर्ज की, जिसके बाद टीवीके ने दूसरे दलों के साथ सरकार बनाई. विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के सीएम पद की शपथ ली थी.
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