जल्द भारत की जेल में होगा नीरव मोदी? लंदन से स्ट्रासबर्ग तक CBI ने डाला घेरा
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Nirav Modi Extradition: भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी जल्द भारत की जेल में होगा. लंदन हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद CBI की टीम एक्शन मोड में है. टॉप सोर्सेज के मुताबिक, CBI की टीम लंदन में ब्रिटिश अधिकारियों और CPS के साथ फाइनल राउंड की मीटिंग कर रही है. परसों भारत लौटने के बाद यह टीम फ्रांस के स्ट्रासबर्ग जाएगी. वहां ECHR में नीरव के प्रत्यर्पण पर आखिरी दलीलें दी जाएंगी.

नीरव मोदी जल्द आएगा भारत! मोदी सरकार को मिली बड़ी कूटनीतिक जीत (File Photo)
नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को नीरव मोदी को जल्द भारत वापस लाया जा सकता है. टॉप सरकारी सूत्रों के मुताबिक, नीरव मोदी अब भारत लाए जाने की कगार पर है क्योंकि ब्रिटेन में उसके पास मौजूद लगभग सभी बड़े कानूनी विकल्प खत्म हो चुके हैं. हाल ही में लंदन हाईकोर्ट ने प्रत्यर्पण रोकने की उसकी ‘री-ओपन’ याचिका को खारिज कर दिया था. इसके बाद से ही मोदी सरकार ने उसे वापस लाने की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है.
लंदन में CBI की टीम क्या कर रही है?
सरकारी सूत्रों ने बताया कि Central Bureau of Investigation (CBI) की एक स्पेशल टीम इस समय लंदन में मौजूद है. इस टीम में सीनियर जांच अधिकारी शामिल हैं जो प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, CBI की इस टीम ने लंदन में ब्रिटिश अधिकारियों और Crown Prosecution Service (CPS) के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की हैं. इन मीटिंग्स का मुख्य उद्देश्य प्रत्यर्पण से जुड़ी आखिरी कागजी कार्रवाई और सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करना है.
कब तक होगी भारत वापसी?
लंदन में मौजूद यह टीम परसों यानी गुरुवार को भारत वापस लौट आएगी. इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रत्यर्पण के ‘फाइनल ऑपरेशनल फेज’ को अंजाम दिया जाएगा. लंदन हाईकोर्ट का फैसला भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और कानूनी जीत माना जा रहा है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि नीरव मोदी द्वारा दी गई दलीलें असाधारण नहीं हैं कि पहले से जारी प्रत्यर्पण आदेश को बदला जाए. इससे साफ है कि अब उसे बचाने वाला कोई ठोस कानूनी आधार ब्रिटेन में नहीं बचा है.
फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में होगी आखिरी लड़ाई?
लंदन से लौटने के करीब दो सप्ताह के भीतर CBI की यही टीम फ्रांस के स्ट्रासबर्ग भी जाएगी. वहां स्थित European Court of Human Rights (ECHR) में नीरव मोदी मामले में भारत अपना पक्ष रखेगा. दरअसल, नीरव मोदी ने खुद को बचाने के लिए ECHR का दरवाजा खटखटाया है. हालांकि, भारतीय जांच एजेंसियों को भरोसा है कि वहां भी उसकी याचिका टिक नहीं पाएगी. CBI वहां मजबूती से दलील पेश करेगी कि नीरव मोदी को भारत भेजने में किसी मानवाधिकार का उल्लंघन नहीं हो रहा है.
जल्द शुरू होगा PNB घोटाले का ट्रायल
नीरव मोदी पर अरबों डॉलर के बैंक फ्रॉड का आरोप है. भारत सरकार के निरंतर कानूनी और राजनयिक दबाव का असर अब दिखने लगा है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि प्रत्यर्पण के बाद नीरव मोदी को मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा. वहां उसके लिए विशेष इंतजाम पहले ही किए जा चुके हैं. भारत आने के बाद उस पर चल रहे मुकदमों की सुनवाई में तेजी लाई जाएगी. यह मामला विदेशों में छिपे आर्थिक अपराधियों के खिलाफ मोदी सरकार की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है.
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दीपक वर्मा एक दशक से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़ एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. दीपक मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों औ…और पढ़ें
