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नौकरी दिलाने के नाम पर युवती से 3.38 लाख की ठगी, फर्जी नियुक्ति पत्र का खुलासा 

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रायगढ़। कलेक्ट्रोरेट सारंगढ़ में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 3 लाख 38 हजार 500 रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपित हरीश मिश्रा को थाना कोतरारोड़ पुलिस ने फरारी के दौरान जिला जशपुर से कल गिरफ्तार कर आज शनिवार को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

आरोपित ने पीड़िता को संविदा नियुक्ति दिलाने का भरोसा दिलाकर नकद और ऑनलाइन माध्यम से रकम हासिल की थी तथा बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लंबे समय तक गुमराह करता रहा।

जानकारी के अनुसार, ग्राम कोतरा निवासी कुमारी पदिमनी यादव (27 साल) ने 03 अप्रैल 2026 को थाना कोतरारोड़ में लिखित शिकायत देकर बताया कि उसकी भतीजी के माध्यम से आरोपी हरीश मिश्रा से पहचान हुई थी।

आरोपी ने कलेक्ट्रोरेट सारंगढ़ में कम्प्यूटर ऑपरेटर पद पर संविदा नियुक्ति कराने का भरोसा देकर अलग-अलग तारीखों में 09 फरवरी 2026 से 22 मार्च 2026 के बीच कुल 3,38,500 रुपये नकद और फोन-पे के माध्यम से प्राप्त कर लिये।

जब लंबे समय तक नियुक्ति नहीं हुई तो आरोपित लगातार आज-कल कहकर टालमटोल करता रहा। इसी दौरान पीड़िता को “कॉल मी सर्विसेस” नामक संस्था का एक नियुक्ति पत्र दिया गया, जिसे लेकर जब वह कलेक्ट्रोरेट रायगढ़ पहुंची तो जांच में दस्तावेज पूरी तरह फर्जी पाया गया।

शिकायत पर थाना कोतरारोड़ में आरोपित के विरुद्ध अपराध क्रमांक 104/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी एवं थाना प्रभारी की टीम ने आरोपित की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी, लेकिन आरोपित फरार चल रहा था।

मुखबिर सूचना पर आरोपित के जशपुर में छिपे होने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम तत्काल रवाना हुई और घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपित ने अपराध स्वीकार करते हुए पीड़िता से रकम लेना कबूल किया तथा बताया कि अधिकांश रकम खर्च कर चुका है।

उसके साइबर कैफे से फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर पदिमनी यादव को भिजवाया था । आरोपित हरीश मिश्रा पिता रविन्द्र मिश्रा उम्र 31 साल निवासी बैकुण्ठपुर, थाना कोतवाली रायगढ़ के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और 900 रुपये नकद जब्त किये गये हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित पूर्व में श्रम विभाग रायगढ़ में भृत्य के पद पर कार्यरत रह चुका है और उसके व्यवहार व गतिविधियों को लेकर पहले भी शिकायतें रही हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में आरोपी की पतासाजी और गिरफ्तारी में प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी, निरीक्षक शील कुमार आदित्य, आरक्षक बलराम साहू और अजय साय की अहम भूमिका रही।

वहीं जिला जशपुर के क्राइम डीएसपी भावेश कुमार समरथ और उनकी टीम का भी विशेष सहयोग रहा। एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश देते हुए कहा कि, “नौकरी दिलाने, सरकारी भर्ती कराने या प्रभाव का झांसा देकर पैसे मांगने वाले ऐसे तत्वों पर बिल्कुल भरोसा न करें।

किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया की जानकारी केवल अधिकृत शासकीय माध्यमों से ही प्राप्त करें और किसी प्रकार की धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।”*

 

By uttu

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