नई दिल्ली। भारतीय पैरालंपिक समिति (PCI) ने द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच नवल सिंह को गंभीर आरोपों के बाद उनके पद से हटा दिया है। इस फैसले की पुष्टि पीसीआई अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने रविवार को की।
यह कार्रवाई तब हुई जब दो बार के पैरालंपिक पदक विजेता सुमित अंतिल ने कोच नवल सिंह पर मानसिक उत्पीड़न और अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया। सुमित ने इस मामले को गंभीर बताते हुए Sports Authority of India (SAI) में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई।
सुमित अंतिल को इस मुद्दे पर देश के कई शीर्ष खिलाड़ियों का समर्थन मिला। टोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने भी खुलकर उनका साथ दिया। शिकायत पत्र में कई एथलीट्स के हस्ताक्षर थे, जिसमें आरोप लगाया गया कि कोच द्वारा बार-बार अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जाता था और खिलाड़ियों पर मानसिक दबाव बनाया जाता था।
बताया गया कि यह लिखित शिकायत 10 अप्रैल को SAI को सौंपी गई थी। सुमित अंतिल के अनुसार, उन्होंने पहले इस मुद्दे को अधिकारियों के सामने उठाया था, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश भी की गई। हालांकि, उन्होंने किसी समझौते से इनकार करते हुए मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
नवल सिंह को हाल ही में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था और वे भारतीय जैवलिन थ्रो खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ते विवाद को देखते हुए पीसीआई बोर्ड ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाने का निर्णय लिया।
इस घटना ने भारतीय खेल जगत में कोच और खिलाड़ियों के संबंधों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षित माहौल को सुनिश्चित करना खेल संस्थाओं की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
