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भारत आते ही कुवैत पर क्यों भड़के अराघची, सुनाई खरी-खोटी – iran accuses kuwait of illegal attack on boat and hostage taking in persian gulf araghchi brics india wdrk

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आरोप लगाया है कि कुवैत ने फारस की खाड़ी में एक ईरानी नाव पर ‘गैरकानूनी हमला’ किया और चार ईरानी नागरिकों को हिरासत में ले लिया. अराघची बुधवार शाम को ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे हैं. भारत में लैंड करने के कुछ मिनटों बाद ही उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कुवैत पर अपने नागरिकों को हिरासत में लेने का आरोप लगाया.

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘फूट डालने की कोशिश के तहत कुवैत ने फारस की खाड़ी में एक ईरानी नाव पर गैरकानूनी हमला किया और हमारे 4 नागरिकों को हिरासत में ले लिया. यह अवैध कार्रवाई उस द्वीप के पास हुई, जिसका इस्तेमाल अमेरिका ने ईरान पर हमला करने के लिए किया था.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘हम अपने नागरिकों की तत्काल रिहाई की मांग करते हैं. हमें जवाब देने का अधिकार है लेकिन अभी उसका इस्तेमाल नहीं कर रहे.’

मंगलवार को कुवैत ने कहा था कि उसने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया है. कुवैत का आरोप है कि ये लोग खाड़ी देश में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे.

कुवैत ने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने IRGC से जुड़े हथियारबंद लोगों की एक टीम उस द्वीप की तरफ भेजी, जहां चीन की मदद से एक बड़ा बंदरगाह बनाया जा रहा है.

भारत पहुंच अराघची ने कुवैत को दिया जवाब

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने बुधवार शाम भारत में उतरते ही कुवैत के आरोपों को निराधार बताते हुए अपने नागरिकों की रिहाई की अपील की. अराघची 14-15 मई के बीच नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं.

उनके भारत पहुंचने की जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा, ‘नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बहुत स्वागत है.’

ईरानी विदेश मंत्री का भारत दौरा बेहद अहम समय में हो रहा है जब ईरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है. दोनों पक्षों के बीच फिलहाल सीजफायर लागू है लेकिन तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए कई प्रस्तावों पर चर्चा हो चुकी है लेकिन दोनों पक्ष किसी एक प्रस्ताव पर सहमत होने के लिए तैयार नहीं हैं.

युद्ध तब शुरू हुआ जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया. जवाब में ईरान ने इजरायल समेत खाड़ी में अमेरिका के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया. इस युद्ध में यूएई, सऊदी, कतर जैसे खाड़ी देश ईरान के निशाने पर रहे जिससे तनाव और बढ़ गया. ईरान ने खाड़ी देशों के ऊर्जा सप्लाई के अहम रास्ते होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर उन्हें कड़ी आर्थिक चोट पहुंचाई है जिससे ये देश आगबबूला हैं.

युद्ध खत्म करने की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान के करीबी व्यापारिक साझेदार चीन पहुंचे हैं.

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By uttu

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