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मिर्जापुर का रहस्यमयी लालब्रह्म धाम, जहां सिक्का चढ़ाए बिना नहीं गुजरते लोग…जानिए क्या है मान्यताएं

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मिर्जापुर की बरकछा घाटी में स्थित लालब्रह्म धाम को बेहद चमत्कारी और रहस्यमयी माना जाता है. यहां से गुजरने वाले वाहन चालक सिक्का और नारियल चढ़ाकर बाबा का आशीर्वाद लेते हैं. मान्यता है कि बाबा की कृपा से घाटी में बड़े हादसों में भी लोगों की जान बच जाती है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं.

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश का विंध्य क्षेत्र रहस्यमई क्षेत्र माना जाता है. इस क्षेत्र में कई ऐसी धार्मिक स्थल मौजूद है, जिनकी गणना ऐतिहासिक और प्राचीन स्थलों में होती है. मिर्जापुर जिले में एक ऐसा ही धाम है, जहां पर लोग सिक्का चढ़ाते हैं. ऐसी मान्यता है कि सिक्का न चढ़ाने या बाबा का आशीर्वाद ना लेने से अनहोनी हो सकती है. घाटी पर मौजूद यह धाम बेहद ही शक्तिशाली है. इस धाम के आस-पास भले ही कोई भीषण दुर्घटना हो, लेकिन किसी की जान नहीं जाती है.

ऐतिहासिक स्थल पर प्रतिदिन सार्वजनिक वाहनों की चालकों के द्वारा पैसे और नारियल चढ़ाए जाते हैं. यहां पर अलग-अलग शहरों से काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं, जहां सुख-समृद्धि को लेकर कामना करते हैं. किदवंती है कि धाम में विशेष पूजन करने से भूत-प्रेत जैसी नकारात्मक शक्तियां भी दूर हो जाती हैं.

लालब्रह्म का दरबार

मिर्जापुर जिले के बरकछा घाटी में स्थित लालब्रह्म का दरबार बेहद ही ऐतिहासिक है. जानकारी के अनुसार लाल ब्रह्म महाराज का पुरा नाम मलिक तिवारी था. मलिक तिवारी बरकछा गांव के रहने वाले थे और कर्मकांडी ब्राह्मण थे. एक दिन जजमान के यहां से पूजा पाठ कर आकर वापस घर जा रहे थे,  जहां रास्ते में उन्हें कुछ अंग्रेजों ने रोक दिया. इस दौरान अंग्रेजों से उनकी झड़प हुई जहां घायल हो गए घायल होने के कुछ दिनों बाद उनकी मृत्यु हो गई. मृत्यु के बाद परिवार के सदस्य के स्वप्न्न में आए. मृत स्थान पर मंदिर बनाने और जनकल्याण को लेकर कहा, जिसके बाद भव्य मंदिर का निर्माण हुआ. आज यह आस्थावानों का बड़ा केंद्र है.

प्राचीन है दरबार

मंदिर के पुजारी कमला गिरी ने बताया कि बाबा के पास अपरंपार शक्ति है. ऐसा कहा जाता है कि बाबा की वजह से पूरी घाटी सुरक्षित है. यहां पर कोई हादसा नहीं होता है. अगर होता भी है तो जान बच जाती है. जनहानि नहीं होती है. भक्त यहां पर नारियल इत्यादि चढ़ाते हैं. बाबा के दरबार में आने से भूत-प्रेत जैसी बाधाएं खत्म होती है. भक्तों का कल्याण होता है. प्रतापगढ़, जौनपुर, भदोही, आजमगढ़ सहित आस-पास के जनपदों से काफी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

दादाजी बताते थे कहानी

भक्त नीरज कुमार ने बताया कि बाबा का दरबार प्राचीन है. दादाजी कहानी बताते हैं. दरबार में बहुत शक्ति है. घाटी के भगवान है. कहा जाता है कि इनकी वजह से ही कोई बड़ा हादसा नहीं होता है. प्रभु के पास अपरंपार शक्ति है. यहां पर आने से सबका कल्याण होता है.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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