पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल गहराने लगे हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य इस समय भारी तनाव के केंद्र में है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के दो बड़े तेल टैंकर, ‘खैरपुर’ और ‘शालमार’ ने अचानक अपना रास्ता बदल लिया है। ईरानी और पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, ये दोनों जहाज तेजी से होर्मुज की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन रविवार को अचानक इन्होंने अपना रास्ता बदल लिया। बताया जा रहा है कि इन जहाजों को पाकिस्तान के लिए कच्चे तेल और डीजल की खेप लानी थी।
होर्मुज पर ईरानी सेना का पहरा
दरअसल, इस समय होर्मुज पर ईरान की सेना का कड़ा पहरा है। यहां से गुजरने वाले किसी भी जहाज को ईरान से पहले इजाजत लेनी पड़ती है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि शुरुआती हिचकिचाहट के बाद ईरानी अधिकारियों से तालमेल बिठाकर इन जहाजों को आगे बढ़ने का रास्ता दे दिया गया है, लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।
ट्रंप ने फिर दे डाली चेतावनी
इस समुद्री तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। ट्रंप ने सोमवार को ईरान को खुलेआम चेतावनी दी कि अगर ईरान का कोई भी सैन्य जहाज अमेरिकी जहाजों के रास्ते में आया या नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश की, तो उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘ईरान की नौसेना पहले ही काफी कमजोर हो चुकी है। उनके लगभग 158 जहाज समुद्र की गहराई में समा चुके हैं। अब उनके पास सिर्फ कुछ ‘फास्ट अटैक शिप’ यानी तेज हमलावर नावें बची हैं। अगर ये हमारी नाकेबंदी के करीब भी आईं, तो हम इन्हें वैसे ही बेरहमी से मिटा देंगे, जैसे समुद्र में ड्रग तस्करों को खत्म किया जाता है।’
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क्यों अहम है होर्मुज?
होर्मुज फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी पतले से रास्ते से होकर गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद होता है या यहां युद्ध छिड़ता है, तो पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है।
शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने सोमवार सुबह से ही ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू कर दी है। हालांकि, अमेरिका का कहना है कि वह केवल उन जहाजों को रोक रहा है जो ईरान जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं। अन्य देशों के जहाजों को रास्ता दिया जा रहा है, बशर्ते उन्होंने ईरान को कोई अवैध टोल न चुकाया हो। पाकिस्तान इस समय बीच-बचाव की कोशिश कर रहा है, लेकिन ट्रंप के सख्त रुख और ईरान की सैन्य तैनाती ने उसकी भी सांसें अटका दी हैं।
