Wed. Mar 4th, 2026

Gardening Tips: घर बैठे उगाएं हेल्दी माइक्रोग्रीन्स! सरसों के छोटे पौधों में छिपा बड़ा पोषण राज!

HYP 5561663 cropped 06112025 102241 high cholesterol 20251106 1

Last Updated:

Gardening Tips: सरसों के माइक्रोग्रीन्स स्वाद और सेहत का अनोखा संगम हैं. विटामिन A, C, K और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ये छोटे पौधे घर पर आसानी से उगाए जा सकते हैं. बस सही बीज, हल्का कोकोपीट और थोड़ी देखभाल—कुछ ही दिनों में तैयार हो जाते हैं ताजे, पौष्टिक और स्वादिष्ट माइक्रोग्रीन्स, जो बनेंगे आपकी डाइट का हेल्दी हिस्सा.

सरसों के माइक्रोग्रीन्स न केवल मसालेदार और स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि ये विटामिन A, C, K और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। इन्हें उगाना एक सरल और पुरस्कृत अनुभव है। जिससे आप घर पर आसानी से उगा सकते हैं

सरसों के माइक्रोग्रीन्स न केवल मसालेदार और स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि ये विटामिन A, C, K और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं. इन्हें उगाना एक सरल और पुरस्कृत अनुभव है. जिससे आप घर पर आसानी से उगा सकते हैं.

सरसों के बीज: माइक्रोग्रीन्स के लिए विशेष रूप से बेचे जाने वाले बीज ही खरीदें। साधारण बगीचे के बीज उपयुक्त नहीं होते क्योंकि उन पर कीटनाशक हो सकते हैं। कोकोपीट सबसे अच्छा विकल्प है। यह हल्का, स्टेराइल और पानी रोकने वाला होता है।

सरसों के बीज: माइक्रोग्रीन्स के लिए विशेष रूप से बेचे जाने वाले बीज ही खरीदें. साधारण बगीचे के बीज उपयुक्त नहीं होते क्योंकि उन पर कीटनाशक हो सकते हैं. कोकोपीट सबसे अच्छा विकल्प है. यह हल्का, स्टेराइल और पानी रोकने वाला होता है.

उगाने के लिए ट्रे/कंटेनर: कोई भी उथला बर्तन जैसे प्लास्टिक की ट्रे, टूटे हुए मग, दही के कंटेनर, या फिर विशेष रूप से बनी माइक्रोग्रीन्स ट्रे। नीचे जल निकासी के छेद होना जरूरी है।

उगाने के लिए ट्रे/कंटेनर: कोई भी उथला बर्तन जैसे प्लास्टिक की ट्रे, टूटे हुए मग, दही के कंटेनर, या फिर विशेष रूप से बनी माइक्रोग्रीन्स ट्रे. नीचे जल निकासी के छेद होना जरूरी है.

बीजों को भिगोना: लगभग 2-3 बड़े चम्मच सरसों के बीज लें और उन्हें एक बाउल में डालें। बीजों पर उसका दोगुना या तिगुना पानी डालें। इन्हें 6-8 घंटे या रातभर के लिए भिगोकर छोड़ दें। इससे बीजों का अंकुरण तेज होगा

बीजों को भिगोना: लगभग 2-3 बड़े चम्मच सरसों के बीज लें और उन्हें एक बाउल में डालें. बीजों पर उसका दोगुना या तिगुना पानी डालें. इन्हें 6-8 घंटे या रातभर के लिए भिगोकर छोड़ दें. इससे बीजों का अंकुरण तेज होगा.

बीज बोना: भीगे हुए बीजों का पानी निकाल दें और उन्हें हल्के से कुल्ला कर लें। इन बीजों को तैयार माध्यम की सतह पर समान रूप से और सघनता से बिखेर दें। बीज एक-दूसरे को छू सकते हैं लेकिन एक-दूसरे के ऊपर जमा हुए नहीं होने चाहिए। बीज बोने के बाद, हल्के हाथ से एक चपटी चम्मच या प्रेशर कुकर की सीटी से बीजों को हल्का सा दबाएँ। इससे बीजों को मिट्टी से संपर्क बनाने में मदद मिलती है।

बीज बोना: भीगे हुए बीजों का पानी निकाल दें. इन बीजों को सतह पर समान रूप से और सघनता से बिखेर दें. बीज एक-दूसरे को छू सकते हैं लेकिन एक-दूसरे के ऊपर जमा हुए नहीं होने चाहिए. बीज बोने के बाद, हल्के हाथ से एक चपटी चम्मच या प्रेशर कुकर की सीटी से बीजों को हल्का सा दबाएं. इससे बीजों को मिट्टी से संपर्क बनाने में मदद मिलती है.

बीजों को सीधी धूप की जरूरत नहीं है। अब एक दूसरा कंटेनर लें या ट्रे को किसी प्लास्टिक की शीट से ढक दें ताकि पूरी तरह से अंधेरा हो जाए। इस ढके हुए कंटेनर को किसी अंधेरी और सामान्य तापमान वाली जगह पर 3-4 दिनों के लिए रख दें। इस दौरान हल्के-हल्के पानी का छिड़काव करते रहें ताकि मिट्टी नम बनी रहे। ज्यादा पानी देने से बचें नहीं तो फफूंद लग सकती है।

बीजों को सीधी धूप की जरूरत नहीं है. अब एक दूसरा कंटेनर लें या ट्रे को किसी प्लास्टिक की शीट से ढक दें ताकि पूरी तरह से अंधेरा हो जाए. इस ढके हुए कंटेनर को किसी अंधेरी और सामान्य तापमान वाली जगह पर 3-4 दिनों के लिए रख दें. इस दौरान हल्के-हल्के पानी का छिड़काव करते रहें ताकि मिट्टी नम बनी रहे. ज्यादा पानी देने से बचें नहीं तो फफूंद लग सकती है.

3-4 दिनों में आप देखेंगे कि बीज अंकुरित हो गए हैं और छोटे-छोटे तने निकल आए हैं। अब कवर हटा दें। अब इन ट्रे को रोशनी वाली जगह पर ले आएं, लेकिन सीधी तेज धूप में नहीं। उत्तर दिशा वाली खिड़की या फिर बालकनी की हल्की धूप आदर्श है। आप देखेंगे कि अब पौधे हरे रंग के होने लगेंगे।

3-4 दिनों में आप देखेंगे कि बीज अंकुरित हो गए हैं और छोटे-छोटे तने निकल आए हैं. अब कवर हटा दें. अब इन ट्रे को रोशनी वाली जगह पर ले आएं, लेकिन सीधी तेज धूप में नहीं. उत्तर दिशा वाली खिड़की या फिर बालकनी की हल्की धूप आदर्श है. आप देखेंगे कि अब पौधे हरे रंग के होने लगेंगे.

कटाई का सही समय सरसों के माइक्रोग्रीन्स आमतौर पर बोने के 7-14 दिन बाद कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं। सही समय वह होता है जब पौधों में पहली पत्तियों के ऊपर दूसरी असली पत्तियाँ निकल आएँ और उनकी लंबाई लगभग 2-3 इंच हो जाए। कैंची की सहायता से जड़ के ठीक ऊपर से पौधों को काट लें।

कटाई का सही समय : सरसों के माइक्रोग्रीन्स आमतौर पर बोने के 7-14 दिन बाद कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं. सही समय वह होता है जब पौधों में पहली पत्तियों के ऊपर दूसरी असली पत्तियां निकल आएं और उनकी लंबाई लगभग 2-3 इंच हो जाए. कैंची की सहायता से जड़ के ठीक ऊपर से पौधों को काट लें.

homeagriculture

घर बैठे उगाएं हेल्दी माइक्रोग्रीन्स! सरसों के पौधों में छिपा पोषण राज!

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *