Fri. May 8th, 2026

Dehradun:अपने पैतृक गांव में बोले यूपी के सीएम योगी- पलायन से खेत ही नहीं, संस्कृति और विरासत भी हो रही बंजर – Dehradun: Cm Yogi Said Migration Is Not Only Making Farms Barren, But Also Culture And Heritage.

saema yaga aathatayanatha bd4bf267781a832707246ac7e8d0acff

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड में बढ़ते पलायन और बंजर होते खेतों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पलायन केवल खेती को प्रभावित नहीं कर रहा बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और पूर्वजों की विरासत को भी धीरे-धीरे समाप्त कर रहा है। योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गांव पंचूर में श्री विष्णु पंचदेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि पलायन के कारण लोग अपने गांव, जमीन और सांस्कृतिक पहचान से दूर होते जा रहे हैं। यह स्थिति भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने लोगों से अपनी जड़ों और परंपराओं को बचाने का आह्वान किया। कहा कि समय-समय पर दैवीय शक्तियों की पूजा और पुरुषार्थ के कार्य भी जरूरी हैं जिससे समाज और संस्कृति जीवित रहती है।

उन्होंने कहा कि जो खेत कभी फसलों से लहलहाते थे, आज वे झाड़ियों से पटे नजर आते हैं। कई गांवों में हालात ऐसे हैं कि खेतों में एक दाना अन्न तक पैदा नहीं हो रहा। लोग जंगली जानवरों को खेती छोड़ने का कारण बताते हैं लेकिन पहले भी गांवों में जंगली जानवर होते थे। उस समय लोग अधिक जागरूक और सजग रहते थे तथा खेती और परंपराओं से जुड़े रहते थे। उन्होंने किसानों को खेती के नए विकल्प अपनाने की सलाह दी। कहा कि यदि जंगली जानवर गेहूं, धान और दाल जैसी पारंपरिक फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं तो लोगों को बागवानी की ओर बढ़ना चाहिए।

उन्होंने बताया कि पंचूर के निकट पोखरी गांव में ही बाबा रामदेव द्वारा खुमानी, आड़ू और किन्नू जैसे फलों का सफल उत्पादन किया जा रहा है जिससे क्षेत्र के लोगों को भी नई प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने कहा कि बंजर खेतों को फिर से आबाद करना समय की आवश्यकता है। सरकार भी किसानों और ग्रामीणों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। जब खेत हरे-भरे होंगे, तभी हमारी संस्कृति, गांव और अस्तित्व भी सुरक्षित रह पाएंगे।

योगी ने साझा किया रोचक प्रसंग

योगी आदित्यनाथ ने मंदिर निर्माण से जुड़ा एक रोचक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि जिस स्थान पर आज विष्णु पंचदेव मंदिर बना है, वहां पहले गांवों को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण किया जा रहा था लेकिन निर्माण कार्य के दौरान बार-बार जेसीबी मशीन खराब हो रही थी। लगातार हो रही घटनाओं के बाद लोगों ने उनसे संपर्क कर पूरी जानकारी दी।

उन्होंने पुराने मानचित्र और स्थान का इतिहास देखा तो उन्हें स्मरण हुआ कि उस स्थान पर पहले देवस्थल हुआ करता था, जहां ग्रामीण पूजा-अर्चना और फूल-पत्तियां अर्पित करते थे। इसके बाद उन्होंने सड़क निर्माण से जुड़े लोगों को निर्देश दिया कि सड़क की दिशा बदली जाए और निर्माण कार्य दक्षिण दिशा की ओर से किया जाए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ग्रामीणों को यह भी समझाया कि यह स्थान दैवीय आस्था से जुड़ा हुआ है और पहली बार मशीन टूटने पर ही इसकी गंभीरता को समझ लेना चाहिए था। बाद में जब ग्रामीणों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों ने संकल्प लिया कि सड़क की दिशा बदलने के साथ उस स्थान पर मंदिर का निर्माण भी कराया जाएगा, तब बड़ी सहजता के साथ सड़क निर्माण पूरा हो गया।

उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात यह रही कि उसके बाद निर्माण कार्य के दौरान न तो कोई मशीन खराब हुई और न ही किसी मजदूर को कोई नुकसान पहुंचा। योगी ने कहा कि यह हमारी आस्था, संस्कृति और दैवीय शक्तियों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपनी परंपराओं, देवस्थलों और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने का आह्वान किया।

पूजन जागर में आस्था हो गई कम : योगी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम बचपन में देखते थे कि गांव घरों में सालभर में एक बार जागर जरूर होता था लेकिन मैने पिछले कई वर्षों से गांवों में जागर नहीं देखा। गांव क्षेत्र एवं मंदिरों में देवी-देवताओं को पूजने एवं जागृत रखने के लिए जागर होना जरूरी है। बृहस्पतिवार रात्रि साढ़े नाै बजे जब जागर शुरू हुआ तो लगा कि दैवीय शक्तियां भी जागृत हो गईं। उन्होंने कहा कि पंचूर गांव में नृसिंह भगवान के प्राचीन मंदिर को दोबारा बनाया गया है। इसमें नियमित पूजन होना चाहिए। हमारे देवी-देवता जागृत रहने चाहिए।

आज हमें अपने नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़ा होने की आवश्यकता है। बच्चे योगी जी को बहुत पसंद करते हैं। जब योगी जी बच्चों को चॉकलेट और बिस्किट देते हैं तो उनके चेहरे खिल उठते हैं। योगी आदित्यनाथ की वजह से राष्ट्रीय पटल पर यमकेश्वर की अलग पहचान बनी है।

-सतपाल महाराज

उन माता को प्रणाम, जिन्होंने योगी आदित्यनाथ को जन्म दिया। भारत माता की जय-जयकार पूरे विश्व में संदेश दे रही है कि हम योगी जी के गांव में हैं। पंचूर गांव में भगवान विष्णु की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। योगी जी तन, मन और आत्मा से सच्चे योगी हैं।

-चिदानंद सरस्वती मुनि

राम और कृष्ण क्या हैं, ऋषियों की विरासत क्या है, यह आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हम सबको बता रहे हैं। आज पूरी दुनिया की नजर उत्तर प्रदेश पर है।

-बाबा रामदेव

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *