गर्मी में खीरा-ककड़ी की फसल में बढ़ रहीं ये बीमारी, एक्सपर्ट से जानें पहचान
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कृषि महाविद्यालय बिलासपुर के कृषि रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद निर्मलकर ने कहा कि गर्मी के दिनों में खीरा और ककड़ी की फसल में पाउडरी मिल्ड्यू, डाउनी मिल्ड्यू, मोजैक वायरस और फल सड़न जैसी बीमारियां अधिक देखने को मिलती हैं.
गर्मी के मौसम में खीरा और ककड़ी की खेती किसानों के लिए अच्छी आमदनी का जरिया मानी जाती है, लेकिन इस दौरान फसलों में कई तरह की बीमारियां और कीट तेजी से फैलने लगते हैं. तेज धूप, अचानक बढ़ती नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण पौधों में फफूंद और वायरस जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है.
यदि किसान समय रहते इन बीमारियों की पहचान नहीं कर पाते तो फसल खराब होने के साथ उत्पादन पर भी बड़ा असर पड़ता है. बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय बिलासपुर के कृषि रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद निर्मलकर ने बताया कि गर्मी के दिनों में खीरा और ककड़ी की फसल में पाउडरी मिल्ड्यू, डाउनी मिल्ड्यू, मोजैक वायरस और फल सड़न जैसी बीमारियां अधिक देखने को मिलती हैं.
गर्मी में पाउडरी मिल्ड्यू रोग तेजी से फैलता
डॉ. विनोद निर्मलकर ने बताया कि गर्म और शुष्क मौसम में पाउडरी मिल्ड्यू रोग तेजी से फैलता है. इस बीमारी में पत्तियों पर सफेद चूर्ण जैसी परत दिखाई देती है. जिससे पौधे कमजोर होने लगते हैं और उत्पादन घट जाता है. खेत में हवा का उचित आवागमन बनाए रखें, संक्रमित पत्तियों को हटाकर नष्ट करें. सल्फर या कार्बेन्डाजिम दवा का छिड़काव करें.
डाउनी मिल्ड्यू रोग से सूखने लगती हैं पत्तियां
गर्मी के साथ अधिक नमी होने पर डाउनी मिल्ड्यू रोग का खतरा बढ़ जाता है. इस बीमारी में पत्तियों पर पीले धब्बे बनते हैं और धीरे-धीरे पत्तियां सूखने लगती हैं. खेत में पानी जमा न होने दें, सुबह के समय हल्की सिंचाई करें, मेटालेक्सिल या कॉपरयुक्त फफूंदनाशक का उपयोग करें.
मोजैक वायरस से प्रभावित हो रहे फल
उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में सफेद मक्खी और एफिड जैसे कीट तेजी से बढ़ते हैं, जिससे मोजैक वायरस रोग फैलता है. इसमें पत्तियां सिकुड़ जाती हैं और फल टेढ़े-मेढ़े हो जाते हैं. बचाव के उपाय: संक्रमित पौधों को तुरंत हटाएं, नीम तेल या अनुशंसित कीटनाशक का छिड़काव करें, खेत की नियमित निगरानी करें.
फल सड़न रोग से उत्पादन पर पड़ता है असर
अधिक गर्मी और नमी की वजह से फल सड़न रोग भी तेजी से फैलता है. इसमें फलों पर काले धब्बे बनते हैं और धीरे-धीरे फल खराब हो जाता है. पौधों के बीच उचित दूरी रखें, संक्रमित फलों को खेत से बाहर करें, कॉपर ऑक्सीक्लोराइड दवा का छिड़काव करें.
गर्मी में लाल कद्दू बीटल कीट भी बन रहा परेशानी
डॉ. निर्मलकर ने बताया कि लाल कद्दू बीटल कीट पत्तियों को नुकसान पहुंचाकर पौधों को कमजोर कर देता है. इससे फसल की बढ़वार और उत्पादन प्रभावित होता है. सुबह के समय कीटों को पकड़कर नष्ट करें, नीम आधारित दवाओं का उपयोग करें, जरूरत पड़ने पर कृषि विशेषज्ञ की सलाह लें.
किसानों को दी सावधानी बरतने की सलाह
कृषि रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद निर्मलकर ने किसानों से खेत में साफ-सफाई बनाए रखने, समय-समय पर दवा छिड़काव करने और प्रमाणित बीजों का उपयोग करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में नियमित निगरानी और शुरुआती लक्षण दिखते ही उपचार करने से खीरा और ककड़ी की फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है और बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है.
