इसके बाद शरारती तत्वों ने तोड़ दिया। इससे गुस्साए बाबा साहब के अनुयायियों ने प्रतिमा को उसी स्थान पर लगाने के लिए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और विवाद बढ़ने लगा। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस को देख कुछ बाहरी शरारती लोग पत्थरबाजी शुरू कर हंगामा करने लगे।
घटनास्थल के आसपास अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते उपद्रवी उग्र होकर सरकारी और निजी वाहनों को निशाना बनाकर जलाने के साथ ही लाठी-डंडों, ईंट और पत्थरों के प्रहार से तोड़ दिया। जिला प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पूरे बांकेगंज में भारी पुलिस बल तैनात कर छावनी में तब्दील कर दिया।
बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार राय ने मौके पर कैंप किया। उन्होंने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रित है। मोतीपुर गांव में बवाल के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और पीएसी जवानों को सिख समाज के लोगों ने बांकेगंज गुरुद्वारे में सुबह का नाश्ता से लेकर दोपहर और शाम का भोजन कराया।
खाद के गड्ढों की सरकारी जमीन पर होते गए कब्जे, सोते रहे जिम्मेदार
मोतीपुर गांव कस्बा बांकेगंज का निकटवर्ती गांव है। गाटा संख्या 1167 पर मुख्य मार्ग के किनारे की 6535 वर्ग फुट जमीन ग्राम पंचायत ने खाद गड्ढों के लिए छोड़ी थी, मगर उस पर अवैध कब्जा कर कई पक्के निर्माण कर लिए गए। वर्तमान में इस जमीन का मुख्य मार्ग से सटा हुआ मुश्किल से 2000 वर्ग फुट भूखंड ही खाली पड़ा है, इस पर भी मंगलवार को सुनियोजित ढंग से कब्जा करने का प्रयास किया गया।




