Thu. May 7th, 2026

असम में बहुविवाह पर बैन; हिंदू हो या मुसलमान, दूसरी शादी की तो 7 साल की कैद, हिमंत सरकार ने पास किया बिल

Himanta Biswa Sarma 2025 11 cc846afeb25ea84a1a908c9843f8a8d7

Last Updated:

Assam Polygamy News: असम मंत्रिमंडल ने बहुविवाह निषेध विधेयक, 2025 को मंजूरी दी. इसके अंतर्गत दोषियों को सात साल की सजा होगी. हिमंत बिस्वा सरमा ने पीड़ित महिलाओं के लिए मुआवजा कोष की भी घोषणा की. यह विधेयक नवंबर में सदन में पेश किया जाएगा. हालांकि, यह अधिनियम आदिवासी लोगों और छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों पर लागू नहीं होगा.

ख़बरें फटाफट

असम में बहुविवाह पर बैन; हिंदू हो या मुसलमान, दूसरी शादी की तो 7 साल की कैदकानून के जरिए असम में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. (फाइल फोटो)

गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसके लिए दोषियों को सात साल तक के कठोर कारावास की सजा हो सकती है. हालांकि, छठी अनुसूची वाले क्षेत्रों के लिए कुछ अपवाद हो सकते हैं. सरमा ने यहां मंत्रिमंडल बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बहुविवाह पीड़ित महिलाओं को मुआवजा देने के लिए एक नया कोष भी बनाएगी ताकि उन्हें अपना जीवन जारी रखने में कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े.

उन्होंने कहा, “असम मंत्रिमंडल ने आज बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है. इस विधेयक का नाम ‘असम बहुविवाह निषेध विधेयक, 2025’ होगा. इसे 25 नवंबर को विधानसभा में पेश किया जाएगा.” सरमा ने कहा कि अगर किसी आरोपी पर बहुविवाह का आरोप साबित होता है, तो उसे सात साल तक की कठोर कारावास की सजा हो सकती है. उन्होंने कहा, “हमने पीड़ित महिलाओं को मुआवज़ा देने के लिए एक कोष बनाने का भी फैसला किया है. सरकार जरूरी मामलों में आर्थिक मदद करेगी, ताकि किसी भी महिला को जिंदगी में मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़े.”

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “सरकार असम बहुविवाह निवारण विधेयक, 2025 को विधानसभा में पेश करने के लिए तैयार है. इस कानून को लागू करने के बाद दोषियों के खिलाफ बिना जमानत के मामले दर्ज किए जाएंगे. पीड़ित को आर्थिक मुआवज़ा दिया जाएगा. यह विधेयक नवंबर में सदन में पेश किया जाएगा. हालांकि, यह अधिनियम आदिवासी लोगों और छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों पर लागू नहीं होगा.”

उन्होंने आगे कहा, “मेरे पास 2001 से 2011 के बीच हिंदू और मुस्लिम आबादी की वृद्धि के आंकड़े हैं. आप देखेंगे कि हर जगह हिंदू आबादी की वृद्धि कम हो रही है, और असम के हर ब्लॉक में मुस्लिम आबादी बढ़ रही है. हमने ज़मीन बिक्री की अनुमति की भी जांच शुरू कर दी है.”

homenation

असम में बहुविवाह पर बैन; हिंदू हो या मुसलमान, दूसरी शादी की तो 7 साल की कैद

By uttu

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *