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Nari Shakti Vandan Adhiniyam Live: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर 16 से 18 दिसंबर तक संसद के विशेष सत्र में चर्चा होगी. इस बीच पीएम मोदी ने देश की महिलाओं के नाम चिट्ठी लिखी है. इस अधिनियम के लागू होने के बाद 2029 …और पढ़ें

पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देश की महिलाओं के नाम एक खुला पत्र लिखा है.
Nari Shakti Vandan Adhiniyam Live: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है. इस दौरान 16 से 18 दिसंबर तक इस अधिनियम और लोकसभा में सांसदों की संख्या बढ़ाकर 816 करने संबंधी प्रावधान को लेकर संविधान संशोधन पर चर्चा होगी. संविधान संशोधन होने के बाद 2029 से देश की संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित हो जाएंगी. महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह एक बहुत बड़ा कदम है. ऐसे में इसकी पूरे देश में खूब चर्चा हो रही है. इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी लगातार इस संवैधानिक संशोधन को लेकर देश को जागरूक करने में लगे हैं. उन्होंने मंगलवार को देश की महिलाओं के नाम एक पत्र लिखा. इसमें उन्होंने देश की नारी शक्ति को उनको अधिकार दिलाने की अपील की है.
Nari Shakti Vandan Adhiniyam Live: पीएम मोदी ने देश की महिलाओं से मांगा आशीर्वाद
Nari Shakti Vandan Adhiniyam Live: संसद के आने वाले सत्र में यह संवैधानिक संशोधन पारित हो, इसके लिए मैं आप सभी, विशेषकर देशभर की करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद चाहता हूं. मुझे विश्वास है कि पूरा सदन मिलकर इस ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन को पारित करेगा, और विधायी संस्थाओं में देश की नारी शक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करेगा. मैं देख रहा हूं कि इसे लेकर हर तरफ जोश और उत्साह का माहौल है. देशभर की माताएं और बहनें इस बात पर खुशी जाहिर कर रही हैं कि उन्हें विकसित भारत के निर्माण में, देश की नीतियों के निर्धारण में और अधिक मजबूती से अपना योगदान देने का अवसर मिलने वाला है.
Nari Shakti Vandan Adhiniyam Live: संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हम सभी के लिए बहुत प्रेरणादायक
Nari Shakti Vandan Adhiniyam Live: 14 अप्रैल, भारत के इतिहास का बहुत महत्वपूर्ण दिन है. आज भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की जयंती है. समस्त देशवासी राष्ट्र निर्माण में उनके अमिट योगदान के लिए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन कर रहे हैं. मैं भी उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हम सभी के लिए बहुत प्रेरणादायक है. संविधान ने हमें जिस समानता और समावेशी भावना का मार्ग दिखाया है, उस सर्वोच्च भावना पर चलते हुए 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होने जा रही है.
